दिल्ली ब्लास्ट (Keyword) मामले में जांच एजेंसियों ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि कुख्यात संदिग्ध ‘डॉ. डेथ’ (Keyword) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी (Keyword) के पास एक गुप्त IED लैब (Keyword) बना रखी थी, जहां वह धमाकों में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक तैयार करता था। इस लैब के सामने आने के बाद केस नए मोड़ पर पहुंच गया है।
कैसे पकड़ी गई सीक्रेट IED लैब?
जांच टीम ने तकनीकी सर्विलांस, डिजिटल ट्रैकिंग और पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर इस गुप्त लैब तक पहुंच बनाई। यह लैब बेहद साधारण से मकान में बनाई गई थी, जिसे बाहर से देखकर कोई अंदाज़ा नहीं लगा सकता था कि यहां IED तैयार किए जाते हैं।
लैब से क्या-क्या बरामद हुआ?
NIA और स्पेशल सेल की टीम को मौके से बड़ा सामान मिला—
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प्रेशर एक्टिवेटेड उपकरण
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इलेक्ट्रॉनिक टाइमर
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विस्फोटक केमिकल
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वायरिंग और सर्किट बोर्ड
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IED डिजाइन के ब्लूप्रिंट
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डिजिटल डेटा और चैट बैकअप
अल-फलाह यूनिवर्सिटी के पास ही क्यों चुनी जगह?
जांच में पाया गया कि यह इलाका काफी शांत था, जहां आवाजाही कम रहती थी। इसके चलते ‘डॉ. डेथ’ (Keyword) को यहां गुप्त तरीके से IED लैब (Keyword) चलाने में आसानी मिलती थी। यूनिवर्सिटी के पास छात्र, स्टाफ और गाड़ियों के आने-जाने से भी शक नहीं होता था।
जांच तेज, और भी खुलासों की उम्मीद
जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि दिल्ली ब्लास्ट (Keyword) की साजिश में और कौन शामिल था और क्या अन्य शहरों में भी ऐसी लैब मौजूद हैं। कई संदिग्धों की पहचान हो चुकी है और जल्द और गिरफ्तारियां संभव हैं।