हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता फिलहाल बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के पूर्वानुमान के अनुसार रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। राजधानी शिमला और आसपास के क्षेत्रों में आसमान में बादल छाए रहने तथा हल्की बारिश होने की संभावना है।
मंडी, कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और सोलन में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा हो सकती है। वहीं शिमला, कुल्लू, ऊना और सिरमौर में भी हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं।
धर्मशाला में सबसे ज्यादा बारिश, 112.6 मिमी रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटों के दौरान धर्मशाला में प्रदेश की सबसे अधिक 112.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पालमपुर में भी 55 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। लगातार बारिश के चलते अधिक वर्षा वाले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और सड़कों पर मलबा आने जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है।
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा, प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से मिट्टी कमजोर होने के कारण भूस्खलन की आशंका बनी रहती है। कई जगहों पर बारिश के बाद सड़क मार्ग बाधित होने और नदियों तथा नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा भी रहता है।
प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की गई है।
पर्यटकों और वाहन चालकों के लिए भी सावधानी जरूरी
शिमला समेत प्रदेश के पर्यटन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में मौसम खराब होने पर वाहन चालकों और पर्यटकों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेना बेहतर रहेगा।
किसानों और बागवानों के लिए बारिश दोधारी चुनौती
मानसून की बारिश कृषि और बागवानी के लिए उपयोगी है, लेकिन लगातार या अत्यधिक वर्षा फसलों और फलों को नुकसान भी पहुंचा सकती है। किसानों और बागवानों को खेतों तथा बगीचों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में आने वाले दिनों में भी मानसून की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

