नई दिल्ली । मानसून ने शुरुआती देरी के बाद अब रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम और मणिपुर में दस्तक दे दी, जबकि एक दिन पहले यह कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा पहुंच चुका था। इस वर्ष मानसून 4 जून को केरल तट पर पहुंचा, जो सामान्य समय से तीन दिन देर से था।
मौसम विभाग ने कासरगोड, कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड और मलप्पुरम जिलों में रेड अलर्ट जारी है। इस बीच, पठानमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर और पलक्कड़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और अलप्पुझा के लिए यलो अलर्ट रखा गया है।
खराब मौसम को देखते हुए, जिला कलेक्टरों ने मलप्पुरम को छोड़कर, रेड अलर्ट वाले चार जिलों में व्यावसायिक कॉलेजों समेत सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि अगर तेज बारिश जारी रही तो और जिलों में छुट्टी बढ़ाई जा सकती है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में लेट से होगी मानसून की एंट्री
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले तीन दिनों में मानसून पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है। वहीं अगले 10 दिनों के भीतर बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी इसके प्रवेश की संभावना है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में मानसून की प्रगति फिलहाल धीमी रह सकती है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत मौसमी प्रणाली सक्रिय नहीं है जो इसे तेजी से आगे बढ़ा सके।

