भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) जैसे तेजी से उभरते तकनीकी क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर व्यापक चर्चा की जाएगी। देश और विदेश की प्रमुख टेक कंपनियां, निवेशक, उद्योग विशेषज्ञ और नीति निर्माता इसमें हिस्सा लेंगे।
तकनीकी निवेश का रोडमैप करेंगे साझा
जनसंपर्क अधिकारी जूही श्रीवास्तव के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कॉन्क्लेव का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान वे मध्य प्रदेश को तकनीक आधारित औद्योगिक हब बनाने की सरकार की रणनीति प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें भी करेंगे, जिनमें निवेश प्रस्ताव, परियोजनाओं के क्रियान्वयन और भविष्य की साझेदारियों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम स्थल पर लगी तकनीकी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया जाएगा।
प्रदेश को टेक निवेश का नया केंद्र बनाने पर जोर
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और जीसीसी जैसे उच्च संभावनाओं वाले क्षेत्रों में देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में शामिल करना है। कार्यक्रम के दौरान राज्य की तकनीकी प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। साथ ही उद्योग विशेषज्ञ इन क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों और संभावनाओं पर अपने अनुभव साझा करेंगे।
राउंडटेबल चर्चा में तैयार होगी भविष्य की रणनीति
कॉन्क्लेव में सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर विषयों पर विशेष राउंडटेबल चर्चा आयोजित होगी। इनमें उद्योग प्रतिनिधि, शिक्षाविद और नीति निर्माता निवेश, कुशल मानव संसाधन, औद्योगिक ढांचे, सरकारी नीतियों और भविष्य की जरूरतों पर विचार-विमर्श करेंगे। राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और मध्य प्रदेश को नए जीसीसी हब के रूप में स्थापित करने पर भी फोकस रहेगा।
दिग्गज कंपनियां और शैक्षणिक संस्थान होंगे शामिल
कार्यक्रम में देश-विदेश की कई अग्रणी टेक कंपनियां, उद्योग संगठन, निवेशक, स्टार्टअप, इनक्यूबेटर, अनुसंधान संस्थान और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सीटीआरएलएस डेटासेंटर्स, केन्स टेक्नोलॉजीस, फुजियामा पावर और न्योबोल्ट लिमिटेड जैसी कंपनियां निवेश और तकनीकी सहयोग के अवसरों पर अपने विचार रखेंगी। वहीं शैक्षणिक संस्थान नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे।
पिछले दो कॉन्क्लेव से मिले हजारों करोड़ के निवेश प्रस्ताव
राज्य सरकार के अनुसार एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के पहले दो संस्करणों से प्रदेश को बड़ा निवेश मिला है। पहले संस्करण में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनसे करीब 75 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना बनी। वहीं दूसरे संस्करण में 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए, जिनसे लगभग 48 हजार संभावित रोजगार सृजित हुए। सरकार को उम्मीद है कि तीसरा संस्करण तकनीकी निवेश और रोजगार सृजन के नए रिकॉर्ड स्थापित करेगा।

