Nepal Flood Bhote Koshi River: नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद हालात अब तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। आपदा के कारण नेपाल में 675 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि तिब्बत में भी 16 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा 2,500 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें भारतीय नागरिकों की संख्या भी काफी है।
बाढ़ के बाद कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। इसी बीच भोटेकोशी नदी को लेकर सामने आई नई सूचना ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की टनल में फंसे लोग
नेपाल में बाढ़ की वजह से अलग-अलग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले कई कर्मचारी अब भी लापता हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 898 कर्मचारी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि इनमें से लगभग 361 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
टनल और अन्य प्रभावित हिस्सों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए नेपाल की सेना लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। खराब परिस्थितियों और प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच की चुनौती के बावजूद बचाव अभियान जारी है।
भारत ने भेजी राहत सामग्री और विशेषज्ञ टीम
नेपाल में राहत एवं बचाव प्रयासों को मजबूत करने के लिए भारत की ओर से भी मदद पहुंचाई जा रही है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि भारत से चौथी राहत उड़ान काठमांडू पहुंची है।
इस विमान से करीब 11 टन राहत सामग्री भेजी गई है। इसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं। इसके साथ टनल में चल रहे खोज और बचाव अभियान के लिए जरूरी उपकरण तथा अतिरिक्त तकनीकी टीम भी नेपाल पहुंची है।
भोटेकोशी नदी को लेकर फिर जारी हुआ अलर्ट
नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने कई इलाकों के लिए दोबारा सतर्कता जारी की है। अधिकारियों को सूचना मिली है कि रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के बहाव के तेज होने जैसी आवाज सुनाई दी है।
इसके बाद रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में नदी के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आगे मिलने वाली जानकारी के आधार पर नए अपडेट जारी किए जाएंगे।
बाढ़ के बीच नदी किनारे रहने वालों की बढ़ी चिंता
पहले से ही भारी नुकसान झेल रहे नेपाल में भोटेकोशी नदी के बढ़ते बहाव की आशंका ने नई चिंता पैदा कर दी है। नदी के आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन ने सतर्क रहने को कहा है।
ऐसे हालात में नदी किनारे जाने, तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने या पानी के स्तर में बदलाव को नजरअंदाज करने से बचने की सलाह दी जा रही है। राहत और बचाव एजेंसियां स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

