लोकसभा में मंगलवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू हुई। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य पेपर लीक, संगठित परीक्षा घोटालों और अनुचित गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाना है।
उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। यह विधेयक वर्ष 2024 में लागू किए गए लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम को और मजबूत करने के लिए लाया गया है।
पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान
जितेंद्र सिंह के अनुसार, पेपर लीक की समस्या किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं। नए संशोधन का उद्देश्य दोषियों के खिलाफ तेज और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार:
- पेपर लीक की जांच 2 महीने के भीतर पूरी करनी होगी।
- चार्जशीट के बाद ट्रायल 3 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- मामलों के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।
- फैसले के खिलाफ अपील के लिए 30 दिन की समय सीमा होगी।
विपक्ष पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 2009 की रेलवे भर्ती परीक्षा और 2012 की एम्स प्रवेश परीक्षा समेत कई पेपर लीक मामले पहले भी सामने आए थे। उन्होंने कहा कि पुराने अनुभवों से सीख लेकर सरकार परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि पहले बनी कई समितियों ने केंद्रीय परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की सिफारिश की थी, लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) का गठन किया और 2024 में परीक्षा प्रणाली से जुड़े मामलों के लिए कानून बनाया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट पर जोर
जितेंद्र सिंह ने कहा कि संशोधन विधेयक का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा तेज न्याय प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि कानून मंत्रालय ने स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, ताकि ऐसे मामलों का जल्द निपटारा हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स और राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पर परीक्षा प्रणाली में कई सुधार लागू किए गए हैं।
सरकार का कहना है कि यह संशोधन लाखों छात्रों के हितों की रक्षा, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और लोगों का विश्वास मजबूत करने के उद्देश्य से लाया गया है।

