भोपाल। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट के साथ-साथ चुनाव आयोग को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
11 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
मामले की सुनवाई जस्टिस बीपी शर्मा की एकल पीठ ने की। अदालत ने प्रथम दृष्टया याचिका को सुनवाई योग्य मानते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।
नियमों का पालन नहीं करने का लगाया आरोप
मीनाक्षी नटराजन ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि रिटर्निंग अधिकारी ने निर्धारित नियमों का पालन किए बिना उनका नामांकन रद्द कर दिया। उनका कहना है कि नामांकन निरस्त करने की प्रक्रिया कानून के अनुरूप नहीं अपनाई गई, इसलिए इसे न्यायिक समीक्षा की आवश्यकता है।
नामांकन रद्द होने के बाद निर्विरोध चुने गए महेश केवट
राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने तीन उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद भाजपा उम्मीदवार महेश केवट निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हो गए। कांग्रेस ने इसी पूरी प्रक्रिया को अदालत में चुनौती दी है।
इस वजह से रद्द हुआ था नामांकन
रिटर्निंग अधिकारी के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन ने अपने चुनावी हलफनामे में एक निजी आपराधिक शिकायत का उल्लेख नहीं किया था। इसी आधार पर नामांकन पत्र को अधूरा मानते हुए उसे निरस्त कर दिया गया था।
अब कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें
फिलहाल हाईकोर्ट ने मामले में केवल नोटिस जारी किए हैं और सभी पक्षों से जवाब मांगा है। 11 अगस्त को होने वाली सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर मामले की आगे की दिशा तय होगी।

