नई दिल्ली : शरीर से आने वाली गंध यानी बॉडी ओडोर सिर्फ पसीने की वजह से नहीं होती, बल्कि हमारी जीवनशैली, खानपान और साफ-सफाई की आदतों का भी इस पर सीधा असर पड़ता है। कई लोग बदबू को छिपाने के लिए परफ्यूम और डियोड्रेंट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इनका असर कुछ समय तक ही रहता है। ये शरीर से आने वाली असली गंध को खत्म करने के बजाय केवल उसे ढकने का काम करते हैं।अगर कुछ अच्छी आदतों को रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल किया जाए तो बिना किसी तेज खुशबू वाले प्रोडक्ट के भी लंबे समय तक फ्रेश महसूस किया जा सकता है।
खानपान बदलकर सुधारें शरीर की प्राकृतिक खुशबू
हम जो खाते हैं, उसका असर शरीर पर कई तरह से दिखाई देता है। ज्यादा तला-भुना, मसालेदार खाना, जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का लगातार सेवन शरीर की गंध को प्रभावित कर सकता है।ऐसे भोजन से शरीर में अपशिष्ट तत्व बढ़ सकते हैं, जिससे पसीने में बदबू आने की संभावना बढ़ जाती है। शरीर को अंदर से स्वस्थ रखने के लिए फल, हरी सब्जियां और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए।इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है। पानी शरीर से अनावश्यक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है और शरीर को तरोताजा बनाए रखता है।
कपड़ों का चुनाव भी तय करता है शरीर की गंध
गर्म और उमस वाले मौसम में कपड़ों का सही चुनाव बेहद जरूरी होता है। कुछ सिंथेटिक कपड़े जैसे पॉलिएस्टर पसीने को शरीर के पास रोक सकते हैं, जिससे बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं और बदबू ज्यादा महसूस हो सकती है।ऐसे मौसम में कॉटन, लिनेन और हवा पास होने वाले फैब्रिक के कपड़े पहनना बेहतर माना जाता है। ये पसीने को सोखने में मदद करते हैं और शरीर को आराम भी देते हैं।
रात में नहाने की आदत से मिलेगा फायदा
अक्सर लोग सुबह नहाने को ही पर्याप्त मानते हैं, लेकिन रात में नहाना भी शरीर की सफाई के लिए फायदेमंद हो सकता है। दिनभर बाहर रहने या काम करने के दौरान शरीर पर पसीना, धूल और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं।सोने से पहले नहाने से शरीर साफ हो जाता है और पसीने से आने वाली गंध कम हो सकती है। खासकर उन लोगों के लिए यह आदत ज्यादा उपयोगी हो सकती है जो दिनभर सक्रिय रहते हैं।
शरीर की सफाई में छोटी आदतें निभाएं बड़ी भूमिका
बॉडी ओडोर को नियंत्रित करने के लिए नियमित सफाई सबसे जरूरी कदम है। शरीर के उन हिस्सों की खास देखभाल करनी चाहिए जहां ज्यादा पसीना आता है।समय पर कपड़े बदलना, साफ तौलिये का इस्तेमाल करना और नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाना जरूरी है। इससे बैक्टीरिया की संख्या कम होती है और शरीर की प्राकृतिक ताजगी बनी रहती है।
अचानक बढ़ी गंध को नजरअंदाज न करें
कई बार तनाव, हार्मोनल बदलाव या कुछ स्वास्थ्य संबंधी कारणों से भी शरीर की गंध में बदलाव आ सकता है। अगर अचानक शरीर से बहुत तेज या अलग तरह की गंध आने लगे तो विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
प्राकृतिक तरीके अपनाकर रहें पूरे दिन फ्रेश
शरीर की अच्छी खुशबू के लिए महंगे परफ्यूम पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, साफ-सफाई और आरामदायक कपड़ों जैसी छोटी आदतें शरीर को लंबे समय तक तरोताजा रखने में मदद कर सकती हैं।

