डायबिटीज को अक्सर केवल ब्लड शुगर बढ़ने की समस्या समझा जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह बीमारी शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकती है। लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड शुगर रहने पर दिल के साथ-साथ दिमाग पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। कई शोध बताते हैं कि लगातार हाई ब्लड शुगर रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है, जिससे स्ट्रोक, याददाश्त कमजोर होने और उम्र बढ़ने के साथ मानसिक क्षमता में गिरावट का खतरा बढ़ सकता है।
कैसे प्रभावित होता है दिमाग?
विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक ब्लड शुगर अधिक रहने पर मस्तिष्क तक पहुंचने वाली रक्त वाहिकाएं प्रभावित होने लगती हैं। इससे दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिसका असर उसकी कार्यक्षमता पर पड़ सकता है।
इसके कारण ये समस्याएं सामने आ सकती हैं।
- याददाश्त कमजोर होना
- ध्यान लगाने में कठिनाई
- स्ट्रोक का बढ़ता खतरा
- डिमेंशिया जैसी बीमारियों की आशंका
- मानसिक कार्यक्षमता में गिरावट
इसी वजह से डॉक्टर ब्लड शुगर के साथ ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित रखने की सलाह देते हैं।
दिल और दिमाग दोनों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये 6 उपाय
1. ब्लड शुगर की नियमित निगरानी करें
डायबिटीज के मरीज समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेते रहें। HbA1c जैसी जांच लंबे समय तक शुगर नियंत्रण का सही आकलन करने में मदद करती है।
2. संतुलित और पौष्टिक भोजन करें
रोजाना के भोजन में साबुत अनाज, दालें, हरी सब्जियां, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ और डॉक्टर की सलाह अनुसार फल शामिल करें। मीठे पेय, अधिक चीनी, तले हुए और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं।
3. रोजाना व्यायाम करें
प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तेज चाल से चलना, योग, साइकिल चलाना या हल्का व्यायाम ब्लड शुगर नियंत्रित रखने के साथ दिल और दिमाग दोनों की सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है।
4. भरपूर और अच्छी नींद लें
हर दिन 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद शरीर के हार्मोन संतुलन, मानसिक स्वास्थ्य और ब्लड शुगर नियंत्रण के लिए जरूरी है। लगातार कम नींद डायबिटीज को नियंत्रित करना कठिन बना सकती है।
5. तनाव को कम रखें
अधिक तनाव शरीर में ऐसे हार्मोन बढ़ा सकता है जो ब्लड शुगर पर असर डालते हैं। मेडिटेशन, योग, गहरी सांस लेने की तकनीक और पसंदीदा गतिविधियां तनाव कम करने में मदद कर सकती हैं।
6. नियमित हेल्थ चेकअप कराएं
डायबिटीज के मरीजों को केवल ब्लड शुगर ही नहीं, बल्कि ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, आंखों, किडनी और हृदय की भी समय-समय पर जांच करानी चाहिए, ताकि संभावित जटिलताओं का समय रहते पता चल सके।
इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
यदि बार-बार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, लगातार थकान रहना, धुंधला दिखाई देना, घाव का देर से भरना या याददाश्त और एकाग्रता में अचानक कमी महसूस हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।
स्वस्थ जीवनशैली ही सबसे मजबूत सुरक्षा कवच
विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि, तनाव पर नियंत्रण और समय पर इलाज अपनाकर डायबिटीज से होने वाली कई गंभीर जटिलताओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यही आदतें लंबे समय तक दिल और दिमाग दोनों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

