नई दिल्ली। केमिकल्स और फर्टिलाइज़र्स से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति सोमवार को तीन अहम बैठकों के जरिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार करेगी। बैठकों में भारतीय वुड पैनल उद्योग, फर्टिलाइज़र सब्सिडी और इनोवेशन स्कीम की समीक्षा के साथ जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं को लेकर लोगों में जागरूकता तथा भरोसे की कमी जैसे विषय शामिल हैं।दिन की पहली बैठक सुबह 11 बजे संसद भवन परिसर में होगी। इसमें भारतीय वुड पैनल उद्योग से जुड़ी एक केस स्टडी के जरिए सब्सिडी वाली कृषि यूरिया के कथित औद्योगिक इस्तेमाल के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।
सब्सिडी वाली यूरिया के इस्तेमाल पर उठे सवाल
पहली बैठक में पहले इंडिया फाउंडेशन के प्रतिनिधि भारत में उद्योगों के लिए सब्सिडी वाली कृषि यूरिया के कथित डायवर्जन से जुड़े विषय पर करीब 30 मिनट की प्रस्तुति देंगे।यह चर्चा ऐसे समय हो रही है जब संस्था ने 9 जून को एक व्हाइट पेपर और प्रेजेंटेशन जारी कर सब्सिडी वाली कृषि यूरिया के कथित तौर पर औद्योगिक बाजार में पहुंचने का मुद्दा उठाया था।इस अध्ययन में वुड पैनल क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस उद्योग में प्लाईवुड, पार्टिकल बोर्ड और MDF बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं, जिनके उत्पादन में यूरिया-फॉर्मेल्डिहाइड रेजिन का इस्तेमाल प्रमुख बाइंडिंग एडहेसिव के तौर पर होता है।
कीमतों के अंतर से डायवर्जन की आशंका
अध्ययन के मुताबिक कृषि उपयोग के लिए उपलब्ध सब्सिडी वाली यूरिया और बाजार कीमत पर मिलने वाली औद्योगिक ग्रेड यूरिया के बीच बड़ा मूल्य अंतर कथित अनधिकृत डायवर्जन को बढ़ावा दे सकता है।इसका असर सरकारी सब्सिडी के बोझ, उद्योगों के बीच निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और यूरिया की सप्लाई चेन की निगरानी पर पड़ने की आशंका जताई गई है। समिति की बैठक में इसी विषय से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
दूसरी बैठक में फर्टिलाइज़र सब्सिडी की समीक्षा
दूसरी बैठक सुबह 11.30 बजे शुरू होगी। इसमें केमिकल्स और फर्टिलाइज़र्स मंत्रालय के फर्टिलाइज़र विभाग के अधिकारी समिति के सामने फर्टिलाइज़र सब्सिडी स्कीम और फर्टिलाइज़र इनोवेशन स्कीम की निगरानी तथा मूल्यांकन से जुड़ी जानकारी रखेंगे।बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन, निगरानी व्यवस्था और उनके प्रभाव से जुड़े पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना है।
जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं पर भी मंथन
दिन की तीसरी बैठक दोपहर 2.30 बजे होगी। इसमें फार्मास्यूटिकल्स विभाग के प्रतिनिधि जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं से जुड़े मुद्दों पर समिति को जानकारी देंगे।खास तौर पर दवाओं को लेकर आम लोगों में जागरूकता की स्थिति और जेनेरिक दवाओं पर भरोसे की कमी जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहेंगे।
31 सदस्यों वाली है संसदीय समिति
केमिकल्स और फर्टिलाइज़र्स से संबंधित स्थायी समिति विभागों से जुड़ी 24 स्थायी समितियों में शामिल है और इसका कामकाज लोकसभा सचिवालय देखता है। समिति में कुल 31 सदस्य होते हैं, जिनमें 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं।TMC सांसद कीर्ति आज़ाद इस समिति के अध्यक्ष हैं। सोमवार की तीनों बैठकें अलग-अलग मुद्दों पर सरकार और संबंधित विभागों से जानकारी लेने तथा नीतिगत पहलुओं की समीक्षा करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

