अमित बघेल पर पुलिस का शिकंजा: छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना प्रमुख पर 5 हजार का इनाम, कई ठिकानों पर छापेमारी जारी

रायपुर: छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। रायपुर पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए ₹5,000 का इनाम घोषित करते हुए अभियान तेज कर दिया है। सोमवार को पुलिस ने बघेल के करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की और कई संभावित जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।

पुलिस का कहना है कि अमित बघेल गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने परिचितों के यहां छिपा हो सकता है। रायपुर पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया है और पड़ोसी राज्यों की पुलिस से भी संपर्क साधा गया है। अधिकारियों का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

क्या है अमित बघेल का विवाद
यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस से जुड़ा है। राजधानी रायपुर में कुछ समय पहले छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना सामने आई थी। इसके बाद अमित बघेल ने इस मुद्दे पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल जी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।
बघेल के इन बयानों के बाद अग्रवाल समाज और सिंधी समाज ने पूरे प्रदेश और देशभर में विरोध प्रदर्शन किए। रायपुर सहित दुर्ग, रायगढ़ और अन्य जिलों में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई।

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वीडियो जारी कर दी थी चुनौती
विवाद बढ़ने के बाद अमित बघेल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करते हुए कहा था कि उसे गिरफ्तारी का कोई डर नहीं है। हालांकि, जैसे ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, वह फरार हो गया। अब पुलिस उसका ठिकाना तलाशने में जुटी है और राज्यभर में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

कब लगी थी छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति
तेलीबांधा तालाब के पास बने छत्तीसगढ़ महतारी उद्यान में यह मूर्ति वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अनावरण की गई थी। इसके बाद राज्य के लगभग सभी जिलों में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्तियां स्थापित की गईं। इसी मूर्ति से जुड़े विवाद ने अब बड़ा राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है।

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