अमृतसर। पूर्व अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह के न्यू प्रताप नगर स्थित आवास के बाहर हुई फायरिंग की घटना की जांच में पुलिस अब इलाके में मौजूद लाइसेंसी हथियारों की फोरेंसिक जांच कर रही है। सुरक्षा में तैनात एक स्कॉर्पियो के बोनट पर गोली लगने के बाद पुलिस ने आसपास रहने वाले हथियार लाइसेंसधारकों की जानकारी जुटाकर जांच का दायरा बढ़ाया है।पुलिस के मुताबिक अभी तक किसी भी लाइसेंसी हथियार का इस घटना से संबंध सामने नहीं आया है। मामले में आरोपी की पहचान के लिए अन्य संभावित सुरागों पर भी काम किया जा रहा है।
12 लोगों के हथियारों की हुई जांच
पुलिस ने न्यू प्रताप नगर इलाके में लाइसेंसी हथियार रखने वाले लोगों की सूची तैयार की है। पिछले एक सप्ताह के दौरान करीब 12 लोगों को थाने बुलाकर उनके हथियारों की जांच की गई।जांच के दौरान हथियारों के लाइसेंस का सत्यापन भी किया गया। पुलिस ने फोरेंसिक स्तर पर यह पता लगाने की कोशिश की कि इनमें से किसी हथियार से घटना में इस्तेमाल गोली चलाई गई थी या नहीं। हालांकि अभी तक ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है।
CCTV फुटेज से भी नहीं मिला शूटर का सुराग
घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली। अधिकारियों को उम्मीद थी कि कैमरों की रिकॉर्डिंग से गोली चलाने वाले व्यक्ति या उसकी गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी मिल सकती है, लेकिन अभी तक जांच टीम को कोई निर्णायक सुराग नहीं मिला है।पुलिस अब CCTV के अलावा दूसरे तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
गोली किसी सतह से टकराने के बाद गाड़ी तक पहुंचने का शक
जांच में जुटी टीम को आशंका है कि गोली सीधे सुरक्षा वाहन तक नहीं पहुंची होगी। पुलिस इस संभावना की भी पड़ताल कर रही है कि फायरिंग के बाद गोली किसी सतह या अन्य ढांचे से टकराई हो और दिशा बदलने के बाद स्कॉर्पियो के बोनट पर लगी हो।इस संभावना को देखते हुए घटनास्थल से जुड़े भौतिक साक्ष्यों की जांच को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस कमिश्नर बोले, जल्द पकड़ा जाएगा आरोपी
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने कहा कि मामले की जांच लगातार जारी है। उन्होंने भरोसा जताया कि फायरिंग करने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।फिलहाल लाइसेंसी हथियारों की जांच से कोई कनेक्शन सामने नहीं आने और CCTV से भी ठोस जानकारी नहीं मिलने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा दूसरे संभावित सुरागों तक बढ़ा दिया है।

