पेपर लीक मामलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री ने दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त कार्रवाई का भरोसा जताया, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे छात्रों की मूल मांग से अलग बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के नेताओं का कहना है कि छात्र जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने सरकार की प्रतिक्रिया पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि सरकार छात्रों की वास्तविक मांग को समझने के बजाय किसी दूसरे मुद्दे पर जवाब दे रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यह वैसा है जैसे कोई बच्चा डिजाइनर बनना चाहता हो और उसके पिता उसे इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला दिलाने की बात करें। उनके अनुसार छात्र जिस मुद्दे पर समाधान चाहते हैं, सरकार उसी पर स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि यह समय नेतृत्व दिखाने का है और सरकार को छात्रों की बात सुनते हुए ठोस निर्णय लेने चाहिए। उन्होंने दोहराया कि आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है।
के. सी. वेणुगोपाल ने कहा- भरोसा लौटाने के लिए कार्रवाई जरूरी
कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल आश्वासन देने से स्थिति नहीं बदलेगी। उनका कहना था कि सरकार को पहले जवाबदेही तय करनी चाहिए और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इसके बाद ही छात्रों के साथ सार्थक बातचीत संभव हो सकेगी।
सेलजा कुमारी ने उठाए कई सवाल
कांग्रेस सांसद सेलजा कुमारी ने कहा कि अब तक केवल घोषणाएं हुई हैं, लेकिन जमीन पर कोई बड़ा कदम दिखाई नहीं दिया। उन्होंने कहा कि न किसी मंत्री ने इस्तीफा दिया, न प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर अफसोस जताया गया और न ही विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब मिला।
एसपी और आरएसपी ने भी मांगी जवाबदेही
समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि जिन छात्रों ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का सामना किया है, उनके लिए केवल ट्वीट पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद में आकर इस मुद्दे पर विस्तृत बयान देना चाहिए था।
रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सांसद एन. के. प्रेमचंद्रन ने कहा कि विपक्ष और छात्र केवल मामलों के त्वरित निपटारे की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि पूरे प्रकरण में राजनीतिक जवाबदेही तय करने की भी मांग कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने क्या कहा था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पेपर लीक मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से शीघ्र सुनवाई और कड़ी सजा सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की जानकारी भी साझा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

