नुआखाई की परंपरा और सांस्कृतिक महत्व से कराया परिचित
मुलाकात के दौरान विधायक पुरंदर मिश्रा ने राष्ट्रपति को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, सामाजिक समरसता और नुआखाई पर्व की ऐतिहासिक तथा आध्यात्मिक महत्ता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पर्व नई फसल के स्वागत के साथ प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने, परिवार और समाज को एक सूत्र में बांधने तथा आपसी भाईचारे को मजबूत करने का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ की परंपरा से जुड़ा यह उत्सव छत्तीसगढ़ में विशेष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है तथा हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं।
राष्ट्रपति का आगमन प्रदेश के लिए होगा गौरव का विषय
विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नुआखाई महोत्सव का निमंत्रण देना उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है। उनका मानना है कि यदि राष्ट्रपति इस आयोजन में शामिल होती हैं, तो इससे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और भगवान श्री जगन्नाथ की भक्ति परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की उपस्थिति प्रदेश के कलाकारों, श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक मजबूती मिलेगी।
प्रकृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव है नुआखाई
पुरंदर मिश्रा ने बताया कि नुआखाई केवल नई फसल का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, सामाजिक सद्भाव और पारिवारिक एकजुटता का उत्सव भी है। रायपुर के श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित होने वाला यह महोत्सव श्रद्धा, संस्कृति और लोक परंपराओं का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रपति के संभावित आगमन से नुआखाई महोत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिलेगी और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देशभर में नई प्रतिष्ठा प्राप्त होगी।

