दिल्ली : सरकार स्कूल शिक्षा नियमों में संशोधन की तैयारी कर रही है। शिक्षा निदेशालय ने ‘दिल्ली स्कूल शिक्षा (संशोधन) नियम, 2026’ का मसौदा जारी करते हुए वर्ष 1973 के स्कूल शिक्षा नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। फिलहाल यह संशोधन प्रारूप चरण में है और इसे अंतिम रूप देने से पहले आम लोगों से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
किन नियमों में बदलाव का प्रस्ताव
जारी ड्राफ्ट के अनुसार, ‘दिल्ली स्कूल शिक्षा नियम, 1973’ के नियम 44 के उपनियम (3) और नियम 50 के खंड (ii) को हटाने का प्रस्ताव रखा गया है।
यह मसौदा ‘दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1973’ के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से जारी किया गया है।
30 दिन तक दे सकते हैं सुझाव और आपत्तियां
शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से 30 दिनों तक प्रभावित पक्ष, शिक्षण संस्थान, अभिभावक और आम नागरिक अपने सुझाव या आपत्तियां भेज सकते हैं।
सभी सुझाव और आपत्तियां प्रधान सचिव (शिक्षा), शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार को निर्धारित अवधि के भीतर भेजी जा सकती हैं। तय समय सीमा में प्राप्त सभी सुझावों पर विचार करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अंतिम मंजूरी के बाद ही लागू होंगे नए नियम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रारंभिक मसौदा है। सुझावों और आपत्तियों की समीक्षा के साथ-साथ केंद्र सरकार की आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद ही संशोधित नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ही ‘दिल्ली स्कूल शिक्षा (संशोधन) नियम, 2026’ प्रभावी होंगे और उसी तारीख से लागू माने जाएंगे।
अभी नहीं बताया गया किन प्रावधानों को हटाने का कारण
अधिसूचना में यह जरूर बताया गया है कि नियम 44(3) और नियम 50(ii) को हटाने का प्रस्ताव है, लेकिन इन प्रावधानों को समाप्त करने के पीछे का विस्तृत कारण या उनके स्थान पर प्रस्तावित नई व्यवस्था का उल्लेख नहीं किया गया है।
ऐसे में अंतिम निर्णय सुझावों, आपत्तियों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन संशोधनों का दिल्ली के स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

