चंडीगढ़। पंजाब में कांग्रेस ने आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी बूथ स्तर पर चलाए जा रहे अभियान का दूसरा चरण 25 अगस्त के बाद शुरू करने की योजना बना रही है। हालांकि अभियान को औपचारिक रूप से शुरू करने से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक दूसरे चरण में बूथ कमेटियों को सक्रिय करने, स्थानीय कार्यकर्ताओं से संपर्क बढ़ाने और आम लोगों से सीधे संवाद पर विशेष जोर दिया जाएगा।
पहले चरण में जुटाई गई संगठन की जमीनी जानकारी
पंजाब कांग्रेस ने अभियान के पहले चरण में बूथ स्तर पर संगठन की स्थिति का आकलन किया था। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता, स्थानीय स्तर पर संगठन की मजबूती और जनता से जुड़े प्रमुख मुद्दों की जानकारी जुटाई गई।
अब इसी फीडबैक के आधार पर दूसरे चरण की रणनीति तैयार की जा रही है। पार्टी का मानना है कि चुनावी राजनीति में बूथ स्तर की मजबूत टीम सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
हर बूथ पर मजबूत मौजूदगी बनाने की तैयारी
दूसरे चरण के अभियान में कांग्रेस स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क मजबूत करने और नए लोगों को संगठन से जोड़ने पर ध्यान देगी। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंपे जाने की योजना है।
इसके साथ ही गांवों और शहरी इलाकों में लोगों की समस्याओं को सीधे सुनकर उन्हें संगठन के स्तर तक पहुंचाने पर भी जोर रहेगा। कांग्रेस इसे केवल चुनावी गतिविधि के बजाय जनता के साथ नियमित संपर्क बढ़ाने की रणनीति के रूप में देख रही है।
राहुल गांधी की मंजूरी के बाद तय होगा अभियान का पूरा कार्यक्रम
पंजाब कांग्रेस ने अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली है, लेकिन इसकी तारीख और विस्तृत कार्यक्रम को अंतिम रूप राहुल गांधी की स्वीकृति के बाद दिया जाएगा। मंजूरी मिलते ही पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियां सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता संगठनात्मक तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं, ताकि अभियान को प्रभावी तरीके से जमीन पर उतारा जा सके।
बेरोजगारी से किसान मुद्दों तक, स्थानीय समस्याओं पर रहेगा फोकस
बूथ अभियान के दूसरे चरण में कांग्रेस स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखने की तैयारी कर रही है। बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, कानून व्यवस्था, महंगाई और विकास से जुड़े विषयों पर जनता से सीधा संवाद किया जाएगा।
पार्टी का मानना है कि स्थानीय समस्याओं को समझे बिना जमीनी संगठन को मजबूत नहीं किया जा सकता। इसी वजह से बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को जनता की आवाज पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी।
कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की कोशिश, गांव से शहर तक सक्रियता बढ़ाने का लक्ष्य
कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीद है कि अभियान के दूसरे चरण से पार्टी के कार्यकर्ताओं में नई सक्रियता आएगी। गांवों से लेकर शहरों तक संगठनात्मक गतिविधियों को गति देकर पार्टी अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी।
राहुल गांधी की मंजूरी मिलने के बाद अभियान की आधिकारिक तारीख और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल पंजाब कांग्रेस संगठन को अगले चरण के लिए तैयार करने में जुटी हुई है।

