हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। किन्नौर जिले के लिप्पा गांव में पजेर खड्ड का जलस्तर अचानक बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। तेज बहाव के साथ आए मलबे और पत्थरों ने कई घरों को नुकसान पहुंचाया, जबकि गांव को जोड़ने वाला पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। हालात को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 13 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
घरों में घुसा मलबा, पंचायत भवन और स्कूल में कराया शिफ्ट
प्रशासन के अनुसार बाढ़ का पानी और मलबा करीब 13 मकानों में घुस गया, जिससे लोगों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें पंचायत भवन और नजदीकी स्कूल में अस्थायी रूप से ठहराया गया। पुल क्षतिग्रस्त होने से गांव का सड़क संपर्क भी प्रभावित हो गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुल के ऊपर से मलबे के साथ तेज बहाव दिखाई दे रहा है।
राहत कार्य में जुटी प्रशासनिक टीमें
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। शुरुआती स्तर पर मलबा हटाने का काम शुरू किया गया, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण दोबारा मलबा जमा होने से राहत और बहाली कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।
जलवायु परिवर्तन से बढ़ा खतरा
किन्नौर के उपायुक्त अमित कुमार शर्मा ने बताया कि प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों को नदी-नालों तथा संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि पहले किन्नौर में सीमित बारिश होती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा की तीव्रता बढ़ी है। जिले का नाजुक भौगोलिक स्वरूप इसे प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अधिक संवेदनशील बना रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले मानसून में भी क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने सर्वे कर राज्य सरकार को दीर्घकालिक सुरक्षा और पुनर्वास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सौंपी थी।
शिमला में भूस्खलन, कई वाहन क्षतिग्रस्त
राजधानी शिमला में भी भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। मलबा गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां मलबा हटाकर यातायात सामान्य करने में जुटी हुई हैं।
15 जुलाई तक बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक प्रदेश के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को शिमला, सोलन, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा।

