रायपुर का मोस्ट वांटेड वीरेंद्र तोमर गिरफ्तार, कभी जिस इलाके में बोलती थी तूती वहीं बेबस हुआ अपराधी, पुलिस जुलूस के दौरान गिर पड़ा बेहोश

रायपुर : राजधानी रायपुर की पुलिस ने आखिरकार मोस्ट वांटेड अपराधी वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। सूदखोरी, रंगदारी, अवैध हथियार रखने और ब्लैकमेलिंग जैसे मामलों में फरार चल रहा यह हिस्ट्रीशीटर ग्वालियर (मध्य प्रदेश) से पकड़ा गया। पुलिस रविवार को उसे रायपुर लेकर पहुंची और इलाके में उसका जुलूस निकाला — वही इलाका, जहां कभी उसकी तूती बोला करती थी।

पुलिस ने बताया कि वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी के बाद रविवार को पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में उसका जुलूस निकाला गया। इस दौरान वह फटी बनियान, हथकड़ी पहने और लड़खड़ाते कदमों से चल रहा था। उसकी हालत देखकर लोग हैरान रह गए। जिस अपराधी के नाम से लोग कांपते थे, वह अब पुलिस के सामने पूरी तरह बेबस नजर आया। पुलिस ने बताया कि जुलूस के दौरान तोमर बेहोश होकर गिर पड़ा, जिसके बाद जवानों ने उसे संभाला और अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया। वीरेंद्र तोमर पर रायपुर के विभिन्न थानों में 16 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं — जिनमें हत्या का प्रयास, चाकूबाजी, मारपीट, धमकी, धोखाधड़ी और सूदखोरी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। उसका भाई रोहित तोमर अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।

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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वीरेंद्र तोमर रायपुर में अपने परिवार के साथ सूदखोरी का धंधा करता था। वह कर्जदारों से अत्यधिक ब्याज वसूलता था और रकम न मिलने पर लोगों की संपत्ति, गाड़ियां और मकान हड़प लेता था। उसके खिलाफ पहला मामला साल 2006 में दर्ज किया गया था। पिछले पांच महीनों से वह फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका भी लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। शनिवार रात को पुलिस ने उसे ग्वालियर से गिरफ्तार किया और रविवार को रायपुर लाया गया। पुलिस का कहना है कि तोमर से पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं। वहीं, रायपुर पुलिस ने साफ किया है कि शहर से अपराधियों के प्रभाव को पूरी तरह खत्म किया जाएगा, चाहे वे कितने ही “दबंग” क्यों न रहे हों।

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