Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। विशेष जांच दल ने गुरुवार को अयोध्या में करीब आठ घंटे तक विभिन्न लोगों से पूछताछ की। इस दौरान जांच टीम ने मंदिर परिसर पहुंचकर कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की। मामले की जांच अभी भी जारी है।
मंदिर परिसर में जुटाए अहम साक्ष्य
सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने दोपहर करीब 1:40 बजे से रात 8:30 बजे तक लगातार पूछताछ की। जांच के दौरान टीम ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, दान संग्रह की प्रक्रिया और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े दस्तावेजों व अन्य तथ्यों की भी विस्तार से जांच की।
ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों से भी पूछताछ की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय तथा ट्रस्ट के सदस्यों अनिल मिश्रा और गोपाल राव से भी पूछताछ की गई। हालांकि इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान जारी नहीं किया गया है।
आठ आरोपी न्यायिक हिरासत में
इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है। अब तक आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। जांच एजेंसियां पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
कर्मचारियों की नियुक्ति भी जांच के दायरे में
एसआईटी यह भी जांच कर रही है कि दान की गणना में लगाए गए कर्मचारियों का चयन किस प्रक्रिया के तहत हुआ था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उनकी नियुक्ति किसके निर्देश पर की गई, चयन के मानक क्या थे और संबंधित लोगों के बीच किसी प्रकार का व्यक्तिगत या पारिवारिक संबंध था या नहीं।
7 जून को सामने आया था मामला
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल ने प्रारंभिक जांच की। इसी रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

