ओडिशा के राउरकेला स्थित सरकारी सर्किट हाउस में हथियार और जिंदा कारतूस मिलने के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे निलंबित भाजपा युवा नेता प्रकाश पासवान को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार शाम हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसे राउरकेला लाने की तैयारी कर रही है। यहां उससे पूछताछ के जरिए पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
पुलिस को संदेह है कि सर्किट हाउस में हथियारों के साथ ठहरे अपराधियों तक पहुंच बनाने और उन्हें वहां ठहराने में प्रकाश पासवान की भूमिका हो सकती है। जांच अब इस दिशा में भी आगे बढ़ रही है कि सरकारी परिसर में अपराधियों को प्रवेश और ठहरने की सुविधा कैसे मिली।
15 अगस्त को सामने आया था मामला
स्वतंत्रता दिवस के दिन 15 अगस्त की सुबह पुलिस ने राउरकेला के सरकारी सर्किट हाउस में कार्रवाई की थी। इस दौरान दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से हथियार तथा जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
सरकारी परिसर के भीतर हथियारबंद लोगों की मौजूदगी सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की गई।
जांच बढ़ी तो सात और संदिग्ध गिरफ्त में आए
शुरुआती दो गिरफ्तारियों के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। इसी क्रम में प्रकाश पासवान से जुड़े सात अन्य संदिग्धों को भी पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों से भी हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं।
लगातार हो रही गिरफ्तारियों और हथियारों की बरामदगी के बाद जांचकर्ताओं को आशंका है कि मामला केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं हो सकता। किसी संगठित आपराधिक नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
बिहार में पकड़ा गया प्रकाश पासवान
घटना के बाद से प्रकाश पासवान फरार था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। आखिरकार बुधवार शाम उसे बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया।
अब उसे राउरकेला लाकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि सर्किट हाउस में मौजूद आरोपियों के साथ उसका क्या संबंध था और उन्हें सरकारी परिसर तक पहुंचने में किस तरह की मदद मिली।
सरकारी सर्किट हाउस में अपराधियों की एंट्री कैसे हुई?
जांच का सबसे अहम पहलू सर्किट हाउस की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों के साथ अपराधी सरकारी परिसर में दाखिल होने के बावजूद सुरक्षा तंत्र की नजर से कैसे बच गए।
यह भी जांच की जा रही है कि उन्हें वहां रुकने की अनुमति किसने दी और क्या सर्किट हाउस में तैनात किसी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की इसमें कोई भूमिका थी।
हथियार कहां से आए, अब इस सवाल का जवाब तलाश रही पुलिस
जांच एजेंसियां अब हथियारों के स्रोत का भी पता लगाने में जुटी हैं। पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, उनके संपर्कों और आपसी संबंधों की जांच कर रही है।
पूछताछ के दौरान यह जानकारी हासिल करने की कोशिश होगी कि हथियार किस उद्देश्य से रखे गए थे और क्या इनका किसी आपराधिक गतिविधि में इस्तेमाल किया जाना था।
प्रशासनिक लापरवाही का पहलू भी जांच के घेरे में
मामले में केवल आरोपियों की भूमिका ही जांच का विषय नहीं है। सरकारी सर्किट हाउस की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था में संभावित चूक की भी पड़ताल की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि अपराधियों को सरकारी परिसर में ठहरने की सुविधा किस परिस्थिति में मिली और इसमें किसी की जानबूझकर मदद थी या सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही हुई।
फिलहाल पुलिस प्रकाश पासवान को राउरकेला लाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। उसके बयान और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

