रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-8) की स्थापना शाखा में पदस्थ उप सचिव अंशिका ऋषि पाण्डेय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपते हुए उन्हें तत्काल मंत्रालय से हटाकर किसी अन्य जिले में पदस्थ करने की मांग की है।
5 साल से एक ही पद पर रहने पर उठाए सवाल
संघ का आरोप है कि उप सचिव पिछले करीब पांच वर्षों से एक ही संवेदनशील पद पर कार्यरत हैं। लंबे समय तक एक ही शाखा में पदस्थ रहने के कारण उनकी कार्यशैली में मनमानी बढ़ गई है, जिससे मंत्रालय की प्रशासनिक व्यवस्था और पारदर्शिता प्रभावित हो रही है।
‘चहेते अधिकारियों को मिली मलाईदार पोस्टिंग’ का आरोप
ज्ञापन में दावा किया गया है कि उप सचिव ने अपने ही बैच के 20 से अधिक राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को मंत्रालय के महत्वपूर्ण और कथित तौर पर ‘मलाईदार’ विभागों में पदस्थ कराने में भूमिका निभाई। कर्मचारी संघ ने इसे निष्पक्ष प्रशासन के विपरीत बताया है।
अतिरिक्त प्रभार को लेकर भी उठे सवाल
संघ का आरोप है कि स्थापना शाखा की जिम्मेदारी के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग (PWD) का अतिरिक्त प्रभार भी अपने पास रखा गया और इससे संबंधित आदेश स्वयं के हस्ताक्षर से जारी किया गया। इस पर भी कर्मचारी संघ ने आपत्ति जताई है।
फाइलों में प्रतिकूल टिप्पणी करने का आरोप
मंत्रालयीन कर्मचारी संघ का कहना है कि विरोध करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति, पेंशन, ग्रेच्युटी तथा अवकाश संबंधी फाइलों पर द्वेषपूर्ण टिप्पणियां दर्ज कर उनके हितों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। संघ ने इसे गंभीर प्रशासनिक अनियमितता बताया है।
आउटसोर्सिंग के जरिए बाहरी लोगों की एंट्री का दावा
संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि मंत्रालय में आउटसोर्सिंग के माध्यम से बाहरी लोगों की नियुक्ति कराने की कोशिश की जा रही है, जिससे मंत्रालय की गोपनीयता और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
मुख्य सचिव से तत्काल कार्रवाई की मांग
मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव से मांग की है कि प्रशासनिक निष्पक्षता, सुशासन और कर्मचारियों के मनोबल को बनाए रखने के लिए उप सचिव को तत्काल मंत्रालय से हटाकर अन्यत्र पदस्थ किया जाए, ताकि मंत्रालय में पारदर्शी और भयमुक्त कार्य वातावरण सुनिश्चित हो सके।




