रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने और उनकी तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। आरोप है कि घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
CJP संस्थापक ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्होंने देवेंद्र महतो से बातचीत की। उनके अनुसार, महतो ने बताया कि अस्पताल ले जाने से पहले पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया, जिससे उन्हें चोटें आईं और सीने में दर्द की शिकायत भी हुई।
दिपके ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार अमानवीय है। उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि उनका संगठन देवेंद्र महतो और उनके आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ा है।
JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर विधानसभा घेराव
सोमवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने रांची में विधानसभा घेराव मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा रद्द करना, पूरे मामले की सीबीआई जांच कराना और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार शामिल हैं।
प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज भी किया। इसके बाद आंदोलन और अधिक उग्र हो गया।
विपक्षी नेताओं ने भी सरकार को घेरा
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम कुमार महतो ने पुलिस कार्रवाई को कायरतापूर्ण बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उनका आरोप है कि छात्रों को बातचीत का भरोसा देकर बैठाया गया और बाद में अचानक लाठीचार्ज कर दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस कार्रवाई में महिला प्रदर्शनकारी भी प्रभावित हुईं।
विधायक ने कहा कि छात्रों के साथ हुई घटना से पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचा है और आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति जल्द तय की जाएगी।
भूख हड़ताल पर छात्र नेता ने सुनाई आपबीती
पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने प्रदर्शन रोकने के लिए कंटीले तारों की बैरिकेडिंग की, वॉटर कैनन चलाए, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और किसी तरह की राजनीतिक नारेबाजी नहीं की गई।
महतो ने अपनी बिगड़ती सेहत का भी जिक्र करते हुए बताया कि उनका ब्लड प्रेशर लगातार कम है और ब्लड शुगर का स्तर भी काफी नीचे पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद वे अभ्यर्थियों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे।
भर्ती प्रक्रिया पर उठ रहे हैं सवाल
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है। उनका आरोप है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं पूरे घटनाक्रम को लेकर राज्य में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

