हैदराबाद। फिल्म ‘पुष्पा 2: द रूल’ के प्रीमियर के दौरान हुए संध्या थिएटर भगदड़ मामले में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हैदराबाद की नामपल्ली क्रिमिनल कोर्ट में पुलिस ने इस बहुचर्चित मामले की चार्जशीट दाखिल कर दी। अभिनेता अल्लू अर्जुन मुंबई से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए, जबकि अन्य कई आरोपी अदालत नहीं पहुंच सके। इसके चलते कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई तय की है।
शूटिंग के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े अल्लू अर्जुन
अदालत ने पहले अल्लू अर्जुन को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था। हालांकि, शूटिंग में व्यस्त होने का हवाला देते हुए अभिनेता ने वर्चुअल उपस्थिति की अनुमति मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से अदालत की कार्यवाही में हिस्सा लिया।
प्रीमियर शो के दौरान हुई थी दर्दनाक घटना
यह मामला 4 दिसंबर 2024 का है, जब हैदराबाद के संध्या थिएटर में ‘पुष्पा 2: द रूल’ के प्रीमियर के दौरान भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। भीड़ बेकाबू होने से भगदड़ मच गई, जिसमें एम. रेवती नामक महिला की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठे थे।
गैर इरादतन हत्या समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने जांच के बाद गैर इरादतन हत्या समेत विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही इस हादसे की प्रमुख वजह रही और इसकी जिम्मेदारी तय की जानी बाकी है।
23 आरोपी, अल्लू अर्जुन आरोपी नंबर 11
इस मामले में कुल 23 लोगों को आरोपी बनाया गया है। अल्लू अर्जुन का नाम आरोपी नंबर 11 के रूप में शामिल है। अब तक अदालत 19 आरोपियों को समन जारी कर चुकी है। जांच में थिएटर प्रबंधन से जुड़े 10 लोगों के अलावा अभिनेता की सुरक्षा में तैनात 8 बाउंसरों को भी आरोपी बनाया गया है।
सभी आरोपियों की पेशी के बाद शुरू होगा ट्रायल
अदालत ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित होने के बाद ही मामले की औपचारिक सुनवाई और ट्रायल शुरू किया जाएगा।
पहले हो चुकी है गिरफ्तारी और पूछताछ
घटना के बाद 13 दिसंबर 2024 को अल्लू अर्जुन को गिरफ्तार किया गया था। नामपल्ली कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था, लेकिन उसी दिन हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद अगले दिन उन्हें रिहा कर दिया गया। बाद में उन्हें नियमित जमानत भी मिल गई।

