मुरैना। जिले के अंबाह क्षेत्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बान का पुरा पंचायत में हुई भर्ती प्रक्रिया पर शिकायतकर्ता ने दस्तावेजों में कथित हेरफेर कर चयन किए जाने के आरोप लगाए हैं। मामला सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की भर्ती प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है।
दस्तावेजों में रिश्ते की जानकारी बदलने का आरोप
शिकायतकर्ता शीतल ने आरोप लगाया है कि जिस महिला का आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर चयन हुआ, उसने दस्तावेजों में अपने पिता को पति के रूप में दर्शाया। इसके साथ ही पिता के नाम का बीपीएल कार्ड लगाकर अतिरिक्त अंक हासिल किए गए।
शिकायतकर्ता का दावा है कि इसी आधार पर चयन में लाभ मिला, जबकि पात्रता के अनुसार उनका चयन होना चाहिए था। उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कराए जाने की मांग की है।
निवास स्थान को लेकर भी उठे सवाल
शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि चयनित महिला जोंहा ग्राम पंचायत की रहने वाली है, जबकि नियुक्ति बान का पुरा पंचायत में की गई। शिकायतकर्ता ने इसी आधार पर भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित पात्रता और स्थानीय निवासी संबंधी नियमों की जांच की मांग की है।
छह महीने से अधिकारियों के चक्कर लगाने का दावा
शीतल के अनुसार, उन्होंने मामले की शिकायत संबंधित विभागीय अधिकारियों और प्रशासन से की थी। उनका कहना है कि पिछले करीब छह महीने से वह कार्रवाई की उम्मीद में अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अभी तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पैसे लेकर नियुक्ति के आरोप भी सामने आए
विवाद बढ़ने के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग में कथित तौर पर पैसे लेकर फर्जी नियुक्तियां किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कलेक्टर ने जांच के लिए टीम बनाने की कही बात
मामले को लेकर मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने जांच कराने की बात कही है। उन्होंने बताया कि शिकायत की पड़ताल के लिए टीम गठित की जाएगी। जांच में दस्तावेजों, पात्रता और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

