चंडीगढ़। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण विकास कोष (Rural Development Fund-RDF) को लेकर पंजाब सरकार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य को हमेशा निर्धारित नियमों के अनुसार ही फंड जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं कर रही है और यदि राज्य सरकार को कोई समस्या है तो वह सीधे उनसे चर्चा कर सकती है।
‘पंजाब देश का गौरव, भेदभाव का सवाल ही नहीं’
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पंजाब देश का गौरव है और केंद्र सरकार हमेशा राज्य के हितों का ध्यान रखती रही है। उन्होंने कहा कि फंड जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप होती है और भविष्य में भी यही व्यवस्था जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि यदि पंजाब सरकार को किसी प्रकार की शिकायत या समस्या है तो वह बातचीत के लिए हमेशा उपलब्ध हैं। उन्होंने राज्य के मंत्रियों को भी चर्चा के लिए आमंत्रित किया और कहा कि यदि वे नहीं आते हैं तो वह स्वयं उनसे मिलने के लिए तैयार हैं।
पंजाब सरकार ने किया पलटवार
केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया कि राज्य सरकार लगातार केंद्र के सामने RDF का मुद्दा उठाती रही है। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि पंजाब सरकार ने केंद्र से संपर्क नहीं किया।
चीमा के अनुसार, राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने अलग-अलग समय पर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर लंबित RDF राशि का मुद्दा उठाया था। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार को इस संबंध में कई बार पत्र भेजे गए और जीएसटी परिषद की बैठक में भी यह मामला रखा गया।
RDF को लेकर जारी है विवाद
पंजाब सरकार लंबे समय से केंद्र पर ग्रामीण विकास कोष की बकाया राशि जारी नहीं करने का आरोप लगाती रही है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि केंद्र ने RDF सहित कई वित्तीय मदों की राशि रोक रखी है, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि फंड नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही जारी किए जाते हैं।

