रायपुर। कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली विषय पर जिलास्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के संचालन, शिकायतों के पंजीयन और उनके समयबद्ध निराकरण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का उद्देश्य आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अब अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
उन्हें फोन, वेबसाइट और वाट्सऐप के माध्यम से सीधे शासन तक अपनी बात पहुंचाने का मंच मिलेगा। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जल्द ही शुरू होने वाला है और इसके लिए प्रदेशभर में प्रशिक्षण का अंतिम चरण चल रहा है।
1200 शिकायतों की श्रेणियां चिन्हित हुई
शिकायतों के विभिन्न प्रकारों को ध्यान में रखते हुए लगभग 1200 शिकायत श्रेणियां चिन्हित की गई हैं। विभागवार शिकायतों के आधार पर इनका वर्गीकरण किया गया है। करीब 8 हजार अधिकारियों की मैपिंग की गई है, ताकि प्राप्त शिकायतें सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुंच सकें। प्रशिक्षण के दौरान सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अधिकारी अशोक चौबे व अनुराग दीवान ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जानकारी दी। उन्होंने शिकायत पंजीयन, पोर्टल संचालन, शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया, समय-सीमा का पालन तथा अन्य तकनीकी पहलुओं को बताया।
शिकायत निराकरण में एल-1 से एल-4 तक व्यवस्था
प्रशिक्षकों ने बताया कि शिकायतों के निराकरण के लिए एल-1 से एल-4 तक चार स्तरों की व्यवस्था बनाई गई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का नोडल विभाग सुशासन एवं अभिसरण विभाग होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सूचना के अधिकार, मांग संबंधी प्रकरण, विभागीय स्थापना से जुड़े अधिकांश मामले व केंद्र सरकार से संबंधित विषय इस व्यवस्था के अंतर्गत शामिल नहीं किए जाएंगे।
शिकायतों के पंजीयन व जानकारी के लिए 24 घंटे होगी सुविधा
अधिकारियों को बताया गया कि आम नागरिक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर, वेबसाइट एवं व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के पंजीयन एवं मार्गदर्शन के लिए कॉल सेंटर 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित रहेगा। शिकायत दर्ज कराने के लिए आवेदक को अपना मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा।

