US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की है कि 15 जुलाई की रात ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे हमलों का नवीनतम चरण पूरा कर लिया गया है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इसे अभियान का अंत नहीं, बल्कि मौजूदा चरण की समाप्ति बताया है।
किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
अमेरिकी सेना के अनुसार हालिया कार्रवाई में ईरान के तटीय रक्षा तंत्र, मिसाइल और क्रूज मिसाइल ठिकानों, हवाई रक्षा प्रणालियों तथा समुद्री निगरानी केंद्रों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए पैदा हुए खतरे को कम करना और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था।
90 मिनट तक चला अंतिम अभियान
सेंटकॉम के मुताबिक तड़के चलाए गए लगभग 90 मिनट के अभियान में ग्रेटर टुनब द्वीप पर मौजूद तटीय रक्षा और क्रूज मिसाइल ठिकानों पर भी हमले किए गए। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति के निर्देश पर की गई।
अमेरिकी नागरिक की रिहाई का भी दावा
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि वर्ष 2024 से ईरान में हिरासत में रखा गया एक अमेरिकी नागरिक रिहा कर दिया गया है और वह सुरक्षित बाहर आ चुका है। ट्रंप ने इसे सद्भावना का संकेत बताया।
तनाव अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं
हालांकि हमलों के इस चरण के पूरा होने की घोषणा की गई है, लेकिन क्षेत्र में तनाव बरकरार है। दोनों देशों के बीच हाल के दिनों में सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों के कारण पश्चिम एशिया की स्थिति अब भी संवेदनशील बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि आगे की स्थिति दोनों पक्षों के राजनीतिक और सैन्य फैसलों पर निर्भर करेगी।

