विकलांग व्यक्तियों द्वारा कार खरीदने पर GST छूट से जुड़े मामले में न्यायालय ने केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों को राहत देने वाली नीतियों में स्पष्टता और पारदर्शिता जरूरी है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की प्रक्रिया संबंधी बाधा का सामना न करना पड़े।
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया कि कई दिव्यांग व्यक्तियों को GST छूट प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि प्रक्रिया जटिल है और कई मामलों में आवेदन समय पर स्वीकृत नहीं होते। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि वाहन उनकी आवश्यक जरूरत है और सरकार को इस छूट को प्राप्त करने के लिए सरल और सुलभ व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
न्यायालय ने केंद्र से पूछा कि वर्तमान नियमों में किस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाती है और क्या इसमें सुधार की कोई योजना है। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि दिव्यांगजन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए GST छूट को अधिक सुगम बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच हरेंद्र सिंह ने दिया इस्तीफा, हॉकी इंडिया जल्द करेगी नए कोच की तलाश
केंद्र सरकार के वकील ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और समय-सीमा के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल किया जाएगा। कोर्ट ने इस मुद्दे को जनहित से जुड़ा बताते हुए अगली सुनवाई में सभी जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
विकलांग जन अधिकार समूहों ने न्यायालय की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह आदेश दिव्यांग व्यक्तियों के लिए परिवहन संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।