सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में बढ़ते आवारा कुत्तों के हमलों और जनसुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि स्कूलों, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थानों से स्ट्रे डॉग्स को हटाया जाए और उन्हें शेल्टर होम में शिफ्ट किया जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में किसी भी पशु के साथ क्रूरता नहीं होनी चाहिए।
कोर्ट ने राज्यों और नगर निगमों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की पहचान करें और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करें। साथ ही, पशु कल्याण बोर्ड को भी आदेश दिया गया है कि वह इन शेल्टर होम्स की निगरानी करे और यह सुनिश्चित करे कि कुत्तों को पर्याप्त भोजन, चिकित्सा और देखभाल मिले।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को आम जनता ने राहत के रूप में देखा है, खासतौर पर उन इलाकों में जहां बच्चों और बुजुर्गों पर आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं। कोर्ट ने कहा कि “जनहित और पशु कल्याण, दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।