रायपुर। छत्तीसगढ़ की विश्वविख्यात पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि तीजन बाई केवल एक कलाकार नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की पहचान और गौरव थीं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि तीजन बाई अब हमारे बीच नहीं रहीं। उन्होंने अपने जीवनभर पंडवानी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश और दुनिया में नई पहचान दिलाई। पद्मश्री और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित तीजन बाई का योगदान सदैव याद रखा जाएगा।
राजकीय सम्मान के साथ होगी अंतिम विदाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजन बाई छत्तीसगढ़ की शान थीं और उनके योगदान को सम्मान देते हुए राज्य सरकार ने उनके अंतिम संस्कार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके असाधारण सांस्कृतिक योगदान के प्रति प्रदेश की श्रद्धांजलि है।
ईश्वर से की प्रार्थना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
लोककला की अमर विरासत छोड़ गईं तीजन बाई
तीजन बाई ने पंडवानी लोककला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाकर छत्तीसगढ़ का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया। उनकी दमदार प्रस्तुति, अद्भुत गायन शैली और लोक संस्कृति के प्रति समर्पण ने उन्हें भारतीय लोककला का अमिट प्रतीक बना दिया। उनके निधन से कला और संस्कृति जगत ने अपनी एक अनमोल धरोहर खो दी है।

