चेन्नई : भारतीय रेलवे की अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर अपने खानपान को लेकर सुर्खियों में आ गई है। मैसूर से चेन्नई सेंट्रल जा रही ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री ने आरोप लगाया कि उन्हें परोसे गए वड़े के अंदर गोंद की एक छोटी बोतल मिली। शिकायत सामने आते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
नाश्ता करते समय सामने आया चौंकाने वाला दृश्य
जानकारी के अनुसार, चेन्नई के कोलाथुर निवासी और केंद्र सरकार से सेवानिवृत्त अधिकारी टी. शेखर रविवार रात वंदे भारत एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान उन्हें नाश्ते में वड़ा और अन्य खाद्य सामग्री परोसी गई। उनका कहना है कि जैसे ही उन्होंने वड़ा तोड़ा, उसके भीतर से फेविक्विक जैसी गोंद की छोटी सफेद बोतल दिखाई दी। यह देखकर उन्होंने तुरंत भोजन करना बंद कर दिया और इसकी सूचना ट्रेन स्टाफ को दी।
समय रहते नजर पड़ने से टला बड़ा खतरा
यात्री का कहना है कि यदि उन्होंने बिना देखे भोजन कर लिया होता तो यह गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बन सकता था। उनका मानना है कि प्रीमियम ट्रेनों में यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त भोजन उपलब्ध कराना रेलवे की जिम्मेदारी है और ऐसी घटना इस व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
रेस्टोरेंट मैनेजर से की शिकायत
घटना के तुरंत बाद यात्री ने ट्रेन में मौजूद रेस्टोरेंट मैनेजर और कैटरिंग कर्मचारियों को पूरी जानकारी दी। कथित रूप से उन्होंने संबंधित खाद्य सामग्री और उसमें मिली वस्तु भी अधिकारियों को दिखाई। शिकायत मिलने के बाद रेलवे स्टाफ ने मामले की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई।
अन्य यात्रियों ने भी जताई चिंता
घटना की जानकारी मिलते ही ट्रेन में सफर कर रहे अन्य यात्रियों ने भी भोजन की गुणवत्ता और पैकिंग व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि वंदे भारत जैसी प्रतिष्ठित ट्रेन में इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
कैटरिंग व्यवस्था की होगी गहन जांच
रेलवे सूत्रों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि गोंद की छोटी बोतल भोजन तक आखिर पहुंची कैसे। जांच में भोजन तैयार करने वाली इकाई, पैकिंग प्रक्रिया और ट्रेन में परोसने तक की पूरी व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसी या कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे ने दिया गुणवत्ता जांच का भरोसा
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और खानपान से जुड़ी हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
गुणवत्ता नियंत्रण मजबूत करने की उठी मांग
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी खाद्य पदार्थ में बाहरी वस्तु का मिलना बेहद गंभीर मामला है। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि जिम्मेदारी तय हो सके और भविष्य में गुणवत्ता नियंत्रण को और मजबूत बनाया जा सके। फिलहाल रेलवे की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

