बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश के हजारों अभ्यर्थियों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में परीक्षा कार्यक्रम में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। मामला दो अहम परीक्षाओं की तिथियां एक ही दिन होने से जुड़ा था। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में आवेदन दायर कर मांग की थी कि D.El.Ed. परीक्षा और एक अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तिथि एक ही दिन निर्धारित होने के कारण परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव किया जाए। उनका तर्क था कि दोनों परीक्षाओं में शामिल होने के इच्छुक छात्रों के हित प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें अपने भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनीं। न्यायालय के समक्ष यह तथ्य रखा गया कि D.El.Ed. परीक्षा नियमित रूप से साल में दो बार आयोजित की जाती है। ऐसे में यदि कोई अभ्यर्थी इस बार परीक्षा में शामिल नहीं हो पाता है, तो उसे अगले सत्र में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि परीक्षा कार्यक्रम तय करना संबंधित परीक्षा प्राधिकरण का अधिकार क्षेत्र है और अदालत सामान्य परिस्थितियों में परीक्षा कैलेंडर में हस्तक्षेप नहीं करती। केवल असाधारण परिस्थितियों में ही न्यायिक दखल उचित माना जा सकता है।

