Akhilesh Yadav UP Strategy: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी और 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के आधार पर एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 प्रथम वरीयता वोट की जरूरत होगी।इसी बीच समाजवादी पार्टी के भीतर उम्मीदवारों को लेकर मंथन तेज होने की खबरें हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव का नाम प्रमुखता से सामने आया है। उनके अलावा पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन और पूर्व सांसद सलीम इकबाल शेरवानी के नाम पर भी चर्चा की बात कही जा रही है। हालांकि अंतिम उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
रामगोपाल यादव के नाम की चर्चा क्यों है सबसे ज्यादा
रामगोपाल यादव मौजूदा राज्यसभा सदस्य हैं और उनका कार्यकाल भी इस बार समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग के मुताबिक उत्तर प्रदेश की जिन 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है, उनमें उनकी सीट भी शामिल है।सपा के पास विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर दो उम्मीदवारों को राज्यसभा भेजने के लिए पर्याप्त वोट हैं। पार्टी के पास 101 विधायक हैं और कांग्रेस के दो विधायकों को भी साथ रखा जाए तो यह संख्या 103 होती है। दो सीटों के लिए 74 वोट की जरूरत होती है।
आलोक रंजन का नाम फिर चर्चा में आने से क्या संकेत मिल रहा है
पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में बताया जा रहा है। 2024 के राज्यसभा चुनाव में सपा ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था, हालांकि वह चुनाव नहीं जीत सके थे।इस बार उनका नाम फिर चर्चा में आने की जानकारी सामने आई है। यूपी तक की रिपोर्ट के अनुसार सपा की संभावित रणनीति में रामगोपाल यादव और आलोक रंजन के साथ तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी विचार चल रहा है।
तीसरे उम्मीदवार को लेकर क्यों बन रहा है अलग समीकरण
सपा के लिए तीसरे उम्मीदवार का मामला संख्या बल से जुड़ा हुआ है। मौजूदा विधानसभा गणित के अनुसार पार्टी के पास दो उम्मीदवारों के लिए पर्याप्त वोट हैं, लेकिन तीसरे उम्मीदवार के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी। ऐसे में छोटे दलों और अन्य विधायकों का रुख महत्वपूर्ण हो सकता है।रिपोर्ट्स में तीसरे उम्मीदवार के चयन को पार्टी के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि यह फिलहाल पार्टी के भीतर चल रही संभावित रणनीति और मीडिया रिपोर्ट्स का हिस्सा है, अंतिम नाम घोषित होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
16 अक्टूबर को होगा फैसला, 37 वोट का आंकड़ा रहेगा अहम
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान और मतगणना होगी। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक और मतगणना शाम 5 बजे से शुरू होगी।राज्यसभा चुनाव में विधायक आनुपातिक प्रतिनिधित्व और सिंगल ट्रांसफरेबल वोट प्रणाली के तहत मतदान करते हैं। इसलिए उम्मीदवारों की संख्या, उपलब्ध वोट और प्रथम वरीयता के वोट पूरे समीकरण में अहम भूमिका निभाते हैं।फिलहाल सपा की ओर से संभावित नामों को लेकर चर्चाएं जारी हैं। रामगोपाल यादव, आलोक रंजन और तीसरे चेहरे को लेकर चल रही अटकलों के बीच आधिकारिक उम्मीदवारों की घोषणा के बाद ही पार्टी की वास्तविक रणनीति साफ होगी।

