अमेरिकी प्रतिबंधों का असर: भारत का रूसी तेल आयात एक-तिहाई घटा, दिसंबर में और गिरावट की संभावना

अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों का असर अब वैश्विक तेल व्यापार पर साफ दिखाई देने लगा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत का रूसी तेल आयात एक तिहाई कम हो गया है, जो हाल के महीनों में सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि दिसंबर में यह आयात और घट सकता है, क्योंकि शिपिंग, बीमा और भुगतान चैनलों पर लगाए गए प्रतिबंधों ने रूसी कच्चे तेल की आपूर्ति को प्रभावित किया है।

अमेरिकी प्रतिबंध मुख्य रूप से उन जहाजों और कंपनियों पर केंद्रित हैं जो रूसी तेल के परिवहन में शामिल हैं। इसके चलते कई भारतीय रिफाइनरियों को नए स्रोत तलाशने पड़े हैं, जिससे आयात लागत भी बढ़ी है। हालांकि भारत ने स्पष्ट किया है कि उसकी ऊर्जा नीति राष्ट्रीय हितों और ऊर्जा सुरक्षा पर आधारित है, और वह विविध स्रोतों से आयात बढ़ाकर संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

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ऊर्जा विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि प्रतिबंधों की कठोरता इसी तरह बनी रही, तो दिसंबर और जनवरी में रूस से आने वाली आपूर्ति में और गिरावट संभव है। भारत अब मध्य-पूर्व और अफ्रीकी देशों से तेल आयात बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि घरेलू बाजार में तेल की उपलब्धता और कीमतों पर असर न पड़े।

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