पटना। बिहार की राजधानी पटना स्थित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया, लेकिन मतदान प्रक्रिया के दौरान सामने आई एक बड़ी लापरवाही अब कानूनी कार्रवाई का कारण बन गई है। मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन से ईवीएम पर मतदान का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करने के मामलों को गंभीर मानते हुए चुनाव आयोग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में करीब 200 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी चल रही है।
ईवीएम पर वोट डालते हुए बनाए गए वीडियो
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कई मतदाता मोबाइल फोन लेकर मतदान केंद्र के अंदर पहुंचे और ईवीएम पर अपने पसंदीदा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करते समय वीडियो रिकॉर्ड किया। बाद में इन वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड और साझा किया गया। चुनाव आयोग का मानना है कि इससे मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन हुआ है।
अब साइबर सेल की मदद से ऐसे सभी वीडियो और संबंधित सोशल मीडिया खातों की पहचान की जा रही है। वीडियो बनाने वाले मतदाताओं के साथ-साथ उन्हें पोस्ट, शेयर या प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वायरल वीडियो की हो रही जांच
सोशल मीडिया पर वायरल कई वीडियो में मतदाता ईवीएम का बटन दबाते हुए दिखाई दे रहे हैं। कुछ वीडियो में मतदान के दौरान यह पूछते हुए भी लोग नजर आ रहे हैं कि किस उम्मीदवार को वोट देना है और किस नंबर का बटन दबाना है। चुनाव आयोग इन सभी वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच कर रहा है।
इसके अलावा उन वीडियो की भी जांच की जा रही है, जिनमें कुछ लोगों ने मतदान से रोके जाने या वोटर पर्ची नहीं मिलने जैसे आरोप लगाए हैं।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
ऐसा मामला पहली बार सामने नहीं आया है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के दौरान भी ईवीएम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए थे। उस समय भी संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार मतदान केंद्र के भीतर ईवीएम की फोटो या वीडियो बनाना, उसे रिकॉर्ड करना अथवा सोशल मीडिया पर साझा करना मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन माना जाता है। यह विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में चुनाव आयोग तथा पुलिस सख्त कार्रवाई करती है।

