संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की आम बहस के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के संबोधन के बाद भारत की ओर से पेटल गहलोत ने जवाब दिया। पेटल गहलोत संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी हैं। संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक दस्तावेजों में भी उन्हें भारत की ओर से First Secretary के तौर पर दर्ज किया गया है।
कौन हैं पेटल गहलोत
पेटल गहलोत भारतीय राजनयिक हैं और न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के साथ काम करती हैं। वह संयुक्त राष्ट्र के अलग-अलग मंचों पर भारत का पक्ष रख चुकी हैं।
संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक रिकॉर्ड में 2024 में विकास गतिविधियों से जुड़ी UN Pledging Conference में भारत की ओर से दिए गए वक्तव्य को पेटल गहलोत के नाम से दर्ज किया गया है। इसी तरह जुलाई 2024 में High-Level Political Forum में भी उन्होंने भारत की तरफ से Intervention दिया था।
UN में पाकिस्तान के बयान पर क्या कहा
हालिया घटनाक्रम में पेटल गहलोत ने भारत के जवाब देने के अधिकार के तहत पाकिस्तान के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पाकिस्तान पर कट्टरता और आतंकवाद को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि पाकिस्तान की ओर से लोकतांत्रिक अधिकारों तथा मानवीय मूल्यों पर दिए गए उपदेश उसके अपने रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते।
उन्होंने 9/11 आतंकी हमले का भी संदर्भ दिया और ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में लंबे समय तक रहने का मुद्दा उठाया। ये टिप्पणियां भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आईं।
कश्मीर को लेकर भारत का रुख दोहराया
पेटल गहलोत ने अपने जवाब में जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताया। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का मुद्दा भी उठाया और कहा कि अगर पाकिस्तान कश्मीर की चर्चा करना चाहता है तो उसे पहले अपने कब्जे वाले हिस्से की स्थिति पर बात करनी चाहिए।
यह भारत सरकार के लंबे समय से चले आ रहे आधिकारिक रुख के अनुरूप है।
Form 47 का भी किया जिक्र
पाकिस्तान की चुनाव प्रक्रिया पर टिप्पणी करते हुए पेटल गहलोत ने Form 47 का उल्लेख किया। उनके अनुसार यह पाकिस्तान चुनाव आयोग से जुड़ा आधिकारिक दस्तावेज है और इसे मतदान केंद्र स्तर पर तैयार किए जाने वाले Form 45 से जोड़कर देखा जाता है।
भारत की ओर से दिए गए इस जवाब में पाकिस्तान की चुनाव प्रक्रिया और वहां के लोकतांत्रिक ढांचे को लेकर भी सवाल उठाए गए।
UN में पहले भी भारत का पक्ष रख चुकी हैं पेटल गहलोत
पेटल गहलोत की भूमिका केवल मौजूदा भारत-पाकिस्तान बहस तक सीमित नहीं है। संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि वह इससे पहले भी विकास, गरीबी उन्मूलन और संयुक्त राष्ट्र प्रणाली से जुड़े विषयों पर भारत का पक्ष रख चुकी हैं।
इसलिए उन्हें UN में भारत की ओर से विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर आधिकारिक वक्तव्य देने वाली राजनयिक के तौर पर देखा जाता है। हालांकि, उनके निजी जीवन, उम्र और शुरुआती शिक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी के बारे में विश्वसनीय आधिकारिक स्रोत सीमित हैं, इसलिए ऐसी जानकारी को बिना पुष्टि के तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।

