अगर छींक, नाक बंद होना, आंखों में जलन, गले में खराश या त्वचा पर खुजली जैसी समस्याएं बार बार परेशान करती हैं, तो इसकी वजह हमेशा धूल, मौसम या किसी खास खाने की चीज नहीं होती। कई बार हमारे आसपास मौजूद ऐसी सामान्य चीजें भी एलर्जी को बढा देती हैं, जिन पर हम ध्यान ही नहीं देते। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल दवा लेने से समस्या पूरी तरह नियंत्रित नहीं होती, बल्कि एलर्जी के असली कारणों की पहचान करना भी उतना ही जरूरी है।
बिस्तर में छिपे छोटे कण बन सकते हैं सबसे बड़ा कारण
जिस बिस्तर पर हम हर दिन कई घंटे बिताते हैं, वहां गद्दे, तकिए और चादरों में डस्ट माइट्स नाम के सूक्ष्म जीव पनप सकते हैं। ये आंखों से दिखाई नहीं देते, लेकिन सांस के साथ शरीर में पहुंचकर एलर्जी की परेशानी बढा सकते हैं। यदि सुबह उठते ही लगातार छींक आती है या नाक बहने लगती है, तो इसकी एक वजह यही हो सकती है। इससे बचने के लिए बिस्तर की चादरों को नियमित रूप से गर्म पानी से धोना और तकिए व गद्दे पर सुरक्षा कवर लगाना फायदेमंद माना जाता है।
गंदे एसी और कूलर के फिल्टर भी बन सकते हैं खतरा
लंबे समय तक इस्तेमाल किए जाने वाले एसी और कूलर के फिल्टर में धूल, फफूंद और एलर्जी पैदा करने वाले कण जमा हो सकते हैं। जब मशीन चालू होती है, तो यही कण हवा के साथ पूरे कमरे में फैल जाते हैं। यदि एसी चालू होते ही छींक या सांस लेने में परेशानी महसूस होती है, तो फिल्टर की सफाई पर ध्यान देना जरूरी है।
तेज खुशबू वाले उत्पाद भी कर सकते हैं नुकसान
रूम फ्रेशनर, परफ्यूम, खुशबूदार मोमबत्तियां, फैब्रिक सॉफ्टनर, नया पेंट और नया फर्नीचर कई लोगों में एलर्जी की वजह बन सकते हैं। इनमें मौजूद रासायनिक तत्व सांस की नली में जलन पैदा कर सकते हैं। ऐसे उत्पादों का उपयोग करते समय कमरे में पर्याप्त हवा का आवागमन होना चाहिए।
कुछ पैकेटबंद खाद्य पदार्थ भी बढा सकते हैं परेशानी
बाजार में मिलने वाले कई पैक्ड फूड में रंग, प्रिजर्वेटिव और स्वाद बढाने वाले तत्व मिलाए जाते हैं। संवेदनशील लोगों में ये पदार्थ एलर्जी की प्रतिक्रिया पैदा कर सकते हैं। कुछ लोगों को कच्चे फल या सब्जियों से भी दिक्कत हो सकती है। यदि बार बार एलर्जी होती है, तो फूड डायरी बनाकर यह समझना आसान हो सकता है कि कौन सा भोजन समस्या बढा रहा है।
प्रदूषण और तनाव को भी हल्के में न लें
हवा में मौजूद सूक्ष्म प्रदूषक कण फेफड़ों और श्वसन तंत्र पर असर डालते हैं। खराब वायु गुणवत्ता वाले दिनों में एलर्जी के लक्षण अधिक गंभीर हो सकते हैं। इसके साथ ही लगातार मानसिक तनाव भी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है, जिससे एलर्जी की समस्या बढ सकती है।
इन आसान उपायों से मिल सकती है राहत
एलर्जी से बचाव के लिए घर की नियमित सफाई रखें, एसी और कूलर के फिल्टर समय समय पर साफ करें, बिस्तर को स्वच्छ रखें, संतुलित भोजन करें और पर्याप्त नींद लें। यदि सावधानी बरतने के बाद भी एलर्जी लगातार बनी रहती है, तो विशेषज्ञ से सलाह लेकर सही कारण की जांच कराना सबसे बेहतर कदम होगा।

