PM Kisan सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त 19 नवंबर को जारी कर दी गई है, लेकिन इस बार बड़ी संख्या में किसानों के नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में 2-2 हजार रुपये ट्रांसफर किए, जबकि 35,88,245 किसानों को इस बार लाभ नहीं मिला। हाल ही में जांच में 31 लाख से अधिक संदिग्ध लाभार्थी पाए गए थे, जिनकी पात्रता पर सवाल उठे थे। इन्हीं अनियमितताओं के चलते इस बार बड़ी संख्या में किसानों के नाम लिस्ट से हटा दिए गए।
अंकड़ों पर नज़र डालें तो 20वीं किस्त में 9.71 करोड़ किसानों को लाभ मिला था, जबकि 21वीं किस्त में यह संख्या घटकर 9.35 करोड़ रह गई। अकेले यूपी में ही करीब 19 लाख किसानों के नाम कट गए हैं। कई राज्यों में लाभार्थियों की संख्या घटी है, जिसका मुख्य कारण है—ईकेवाईसी पूरा न होना, परिवार के एक से अधिक सदस्य द्वारा लाभ लेना, नाबालिग का लाभ लेना, या फार्मर आईडी न बनवाना। सरकार ने साफ कर दिया है कि योजना का लाभ केवल पात्र किसानों को ही मिलेगा।
अगर आपका नाम भी इस बार लिस्ट से हट गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले PM-Kisan पोर्टल पर जाकर ईकेवाईसी पूरा करें और अपनी Farmer ID अपडेट करें। अगर परिवार में दो लोग लाभ ले रहे हैं, तो पोर्टल पर दिए गए Surrender विकल्प के जरिए एक लाभ तुरंत सरेंडर करें। इसके बाद कृषि विभाग में वेरिफिकेशन कराएं। यदि आपको लगता है कि आपका नाम गलत तरीके से कट गया है, तो नजदीकी कृषि कार्यालय में शिकायत दर्ज करें। पात्रता पूरी होने पर किसान दोबारा योजना में शामिल हो सकता है और रुकी हुई किस्त भी जारी हो सकती है।