भोपाल : रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के बाद से फरार चल रहे संदिग्ध वरुण कुमार को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक वह आगरा से दिल्ली जाने की कोशिश में था। गिरफ्तारी के बाद उसे भोपाल लाया जा रहा है, जहां उससे पूछताछ की जाएगी। मामले में उसकी भूमिका को लेकर पुलिस आगे की जांच कर रही है।
CCTV फुटेज से मिला था अहम सुराग
पुलिस की शुरुआती जांच में राकेश अग्रवाल के घर पर काम करने वाले वरुण कुमार पर शक गहराया था। जांच के दौरान सामने आए CCTV फुटेज में उसे वारदात के बाद घर से निकलते हुए देखा गया था। इसके बाद पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुट गई थीं।वरुण कुमार पंजाब के पटियाला का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के बाद हत्या की वजह, घटना की पूरी कड़ी और वारदात के बाद उसके भागने के रास्ते की जानकारी जुटाएगी।
सूरज नगर में घर के अंदर मिला था शव
यह मामला भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर का है। 1982 बैच के रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल अपने घर में पत्नी के साथ रहते थे। 30 सितंबर की सुबह घर के अंदर उनका शव मिला था। पुलिस के अनुसार उनके शरीर पर धारदार हथियार से हमले के निशान थे।घटना के समय उनकी पत्नी घर में ही थीं, लेकिन दूसरे कमरे में थीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और फॉरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए।
घर में गैस खुली मिलने से बढ़ा जांच का दायरा
जांच के दौरान घर की रसोई में LPG गैस की पाइप खुली मिलने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या हत्या के बाद घर में आग लगाने या किसी अन्य तरीके से नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी।इसके अलावा घर की अलमारियों और अन्य सामान की भी जांच की गई। हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, इसका खुलासा पुलिस की पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आएंगे कई सवालों के जवाब
वरुण कुमार की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि राकेश अग्रवाल की हत्या किस वजह से की गई और वारदात की पूरी योजना क्या थी। पुलिस उसके बयान को मौके से मिले CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों से मिलाकर जांच करेगी।फिलहाल पुलिस ने आरोपी को आगरा से गिरफ्तार कर लिया है और उसे भोपाल लाया जा रहा है। मामले में हत्या की वजह और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
सीएम मोहन यादव ने लिया था मामले का संज्ञान
रिटायर्ड IAS अधिकारी की हत्या के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी मामले का संज्ञान लिया था। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को जांच की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि घटना में शामिल दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

