शिमला। हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रभावित परिवारों तक राहत समय पर पहुंचाने को लेकर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जगत सिंह नेगी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। वर्ष 2023, 2024 और 2025 के विशेष राहत पैकेज तथा 2023 की ‘पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट (PDNA)’ रिपोर्ट की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों से प्रभावित परिवारों को सहायता नहीं मिलने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया जाएगा।
क्षतिग्रस्त संपत्तियों का तैयार होगा पूरा रिकॉर्ड
बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में आपदा से पूरी तरह और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों, पशुशालाओं, दुकानों और अन्य संपत्तियों का विस्तृत सर्वे कर पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि राहत वितरण में किसी भी पात्र व्यक्ति की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
शिमला और BBN में भीड़ कम करने की योजना पर चर्चा
जगत सिंह नेगी ने शिमला, बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (BBN) औद्योगिक क्षेत्र और अन्य जिला मुख्यालयों में बढ़ती भीड़ को कम करने के उपायों पर गठित कैबिनेट उपसमिति की बैठक की भी अध्यक्षता की। बैठक में शिमला के उपायुक्त ने बताया कि अनाज मंडी, सब्जी मंडी, लकड़ी बाजार और ट्रांसपोर्ट मार्केट को स्थानांतरित करने के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान कर ली गई है। इस संबंध में अंतिम रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत की जाएगी।
BBN टाउनशिप परियोजना की भी हुई समीक्षा
बैठक में प्रस्तावित BBN टाउनशिप और चंडीगढ़ की तर्ज पर विकसित किए जाने वाले सैटेलाइट टाउन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस परियोजना के लिए राजस्व विभाग 7,000 बीघा से अधिक भूमि हिमुडा (HIMUDA) को हस्तांतरित कर चुका है और भूमि के नामांतरण की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक हरीश जनारथा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार ने संकेत दिए हैं कि राहत वितरण, शहरी प्रबंधन और नई टाउनशिप परियोजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी जारी रहेगी।

