MP News: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में इस बार स्वतंत्रता दिवस ऐतिहासिक बनने जा रहा है। नक्सल प्रभाव से मुक्त होने के बाद जिले में पहली बार 15 अगस्त का समारोह ऐसे माहौल में आयोजित होगा, जिसमें हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे पूर्व नक्सली भी शामिल होंगे। इसे जिले में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
पूर्व नक्सलियों के साथ पुलिस ने किया प्रभावित गांवों का दौरा
स्वतंत्रता दिवस से पहले बालाघाट पुलिस ने आत्मसमर्पण कर चुके 11 पूर्व नक्सलियों के साथ उन गांवों का दौरा किया, जो कभी नक्सली गतिविधियों के लिए संवेदनशील माने जाते थे। इस दौरान आईजी, डीआईजी और एसपी समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
दिसंबर 2025 में आत्मसमर्पण करने वाले इन पूर्व नक्सलियों में बालाघाट के तीन सदस्य शामिल थे। वहीं, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ पुलिस के समन्वय से भी कुछ पूर्व नक्सलियों को कार्यक्रम में शामिल कराया गया।
कई गांवों में पहली बार फहराया गया तिरंगा
पालागोंदी, हर्रानाला, कुंआगोंदी, कोद्दापार, चौरिया और मुंडा जैसे गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके अलावा दक्षिण बैहर क्षेत्र की पाथरी पंचायत के चुक्काटोला गांव में भी ध्वजारोहण किया गया। यह वही गांव है, जिसे कभी 50 लाख रुपए के इनामी नक्सली मिलिंद तेलतुंबड़े का प्रभाव क्षेत्र माना जाता था।
बच्चों को बांटी गई शिक्षण सामग्री
पुलिस अधिकारियों ने ‘विद्यांजलि अभियान’ के तहत विकसित स्कूलों का भी दौरा किया। इस दौरान विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री वितरित की गई और शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के बाद पुलिस अधिकारी, पूर्व नक्सली और ग्रामीण एक साथ बैठकर भोजन भी करते नजर आए।
मुख्यधारा में लौटने पर जताई खुशी
आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों ने कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने का उनका निर्णय सही साबित हुआ। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और ग्रामीणों के साथ मिलकर ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए तथा समाज के साथ मिलकर शांतिपूर्ण जीवन जीने की इच्छा जताई।
बालाघाट के लिए दोहरी खुशी का अवसर
आईजी ललित शाक्यवार ने कहा कि नक्सली हिंसा से मुक्त होने के बाद यह बालाघाट का पहला स्वतंत्रता दिवस है। उनके अनुसार यह जिले के लिए दोहरी खुशी का अवसर है, क्योंकि अब यहां शांति का माहौल है और पूर्व नक्सली भी लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्रीय उत्सव का हिस्सा बनकर नई शुरुआत कर रहे हैं।

