गोरखपुर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर में शुक्रवार, 28 अगस्त को पांचवां स्थापना समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह दोपहर 3 बजे से शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री विद्यार्थियों से संवाद कर शिक्षा, रोजगार, कौशल और समाज सेवा से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन देंगे।
पांच वर्षों में शिक्षा के नए केंद्र के रूप में उभरा विश्वविद्यालय
स्थापना के पांच वर्ष के भीतर महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा और रोजगारपरक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत की है। विश्वविद्यालय का फोकस केवल पारंपरिक डिग्री तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को कौशल आधारित और व्यावहारिक शिक्षा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।
बदलते रोजगार बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यहां व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए भी तैयार करना है।
शिक्षा के साथ चिकित्सा क्षेत्र में भी बढ़ा दायरा
एमजीयूजी ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी अपनी भूमिका का विस्तार किया है। विश्वविद्यालय से जुड़ी चिकित्सा सुविधाओं के जरिए क्षेत्रीय लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
चिकित्सा शिक्षा के विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर भी जोर है, ताकि वे भविष्य में दक्ष चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवाएं दे सकें।
स्थापना दिवस पर उपलब्धियों से लेकर भविष्य की योजनाओं तक होगी चर्चा
पांचवें स्थापना समारोह में विश्वविद्यालय की पांच वर्ष की यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों और आगामी योजनाओं को सामने रखा जाएगा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल होंगे।
समारोह के दौरान शिक्षा, चिकित्सा, कौशल विकास, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है।
विद्यार्थियों के लिए सीएम योगी का संवाद बनेगा खास आकर्षण
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद होगा। वे युवाओं को शिक्षा के साथ कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
मुख्यमंत्री का संवाद विद्यार्थियों को अपने करियर और भविष्य की संभावनाओं को लेकर नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
पूर्वी यूपी के युवाओं के लिए अवसरों का नया ठिकाना
विश्वविद्यालय में पढ़ाई के साथ कौशल विकास, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है। बदलती जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रमों को विकसित करने और विद्यार्थियों को नए क्षेत्रों के लिए तैयार करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
पांच वर्षों में शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में बनाई गई पहचान के बाद स्थापना समारोह विश्वविद्यालय की अब तक की उपलब्धियों के साथ उसके अगले चरण की दिशा तय करने का अवसर भी बनेगा।

