सांस लेना हुआ दूभर: दिल्ली में प्रदूषण चरम पर, 27 इलाकों में पॉल्यूशन का रेड अलर्ट

दिल्ली में लगातार गिरते तापमान के बीच वायु प्रदूषण की स्थिति और चिंताजनक हो गई है। राजधानी के ज्यादातर इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार बना हुआ है, जो “गंभीर” श्रेणी में आता है। इस बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रैप-3 (GRAP-3) के तहत सख्त नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों के तहत निर्माण कार्य, डीज़ल जनरेटर का इस्तेमाल और खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रदूषण के इस स्तर का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों पर। मौसम विभाग के अनुसार, आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 26°C और न्यूनतम तापमान 12°C रहने की संभावना है। हल्की ठंड और धीमी हवा के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में अधिक देर तक बने हुए हैं, जिससे हालात और गंभीर हो रहे हैं।

दिल्ली इन दिनों प्रदूषण की घनी चादर में पूरी तरह लिपटी हुई है। शहर के आसमान में धुंध और धुएं का ऐसा मिश्रण छाया है कि हर ओर सिर्फ धुंधलापन और प्रदूषण ही नजर आ रहा है। लगातार बढ़ रहे AQI के आंकड़ों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। बढ़ते प्रदूषण का सबसे ज़्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। अस्पतालों में आंखों में जलन, गले में खराश, सिरदर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इज़ाफा हुआ है। डॉक्टरों ने लोगों को यथासंभव घर के अंदर रहने और बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनने की सलाह दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, दिल्ली सरकार ने पांचवीं तक के छात्रों की कक्षाओं को अस्थायी रूप से ऑनलाइन मोड में शिफ्ट कर दिया है ताकि बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रदूषण का असर कम से कम हो।

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27 इलाकों में पॉल्यूशन का रेड अलर्ट

समीर ऐप के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह 6 बजे राजधानी का ओवरऑल AQI 407 दर्ज किया गया, जो “गंभीर श्रेणी (Severe Category)” में आता है। दिल्ली के 39 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 27 पर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन जगहों पर AQI का स्तर 400 से 500 के बीच बना हुआ है यानी हवा इतनी जहरीली है कि स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। कई इलाकों में AQI 400 से ऊपर पहुंच गया है जो यह दर्शाता है कि हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM2.5 और PM10) बेहद खतरनाक स्तर पर हैं। नीचे कुछ प्रमुख इलाकों का AQI दर्ज किया गया है: बवाना: 460,चांदनी चौक: 455,जहांगीरपुरी: 448,अशोक विहार: 438, मुंडका: 436, नेहरू नगर: 436, नरेला: 432, आनंद विहार: 431, बुराड़ी क्रॉसिंग: 433, आईटीओ: 434, मथुरा रोड: 434, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम: 414, अलीपुर: 418, डाॅ. करनी शूटिंग रेंज: 420, नॉर्थ कैंपस: 415, मंदिर मार्ग: 404, आया नगर: 402, द्वारका सेक्टर-8: 401, IGI एयरपोर्ट: 383, नजफगढ़: 379, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम: 396, डीटीयू (दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी): 362, लोधी रोड: 319, इन आंकड़ों से साफ है कि दिल्ली की हवा लगातार ‘बेहद प्रदूषित’ श्रेणी में बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, धीमी हवाएं, तापमान में गिरावट और खेतों में पराली जलाने की घटनाएं मिलकर हवा को और जहरीला बना रही हैं।

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