आज के समय में हर कोई डेस्कटाॅप और लैपटॉप का इस्तेमाल करता है। चाहे जॉब हो या स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई, बिना इसके कोई काम नहीं हो पाता है। लैपटॉप की बात करें तो हम इसमें अपनी हर पर्सनल चीजें सेव कर लेते हैं। हम ये सोचते ही नहीं है कि हमारी प्राइवेसी भी सेफ नहीं है। जी हां, लैपटॉप में कुछ सेटिंग्स ऐसी होती हैं जो आपकी प्राइवेसी पर पूरा नजर रखती हैं।
अगर समय रहते इन्हें बंद न किया जाए तो अनजाने में आपका लैपटॉप आपकी ही जासूसी करता रहेगा। आज हम आपको अपने इस लेख में बताने जा रहे हैं कि आपको लैपटाॅप चलाते समय किन सेटिंग्स पर ध्यान देने की जरूरत है। आइए विस्तार से जानते हैं-
डायग्नोस्टिक डेटा सेटिंग (Diagnostic Data Setting)
विंडोज में एक सेटिंग होती है जो आपके लैपटॉप की परफॉर्मेंस, कौन-से ऐप ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं, सिस्टम में कब एरर आया, ऐसी सभी जानकारी माइक्रोसॉफ्ट को भेजती रहती है। कहने को तो ये सिस्टम इंप्रूवमेंट के लिए होता है, लेकिन इससे आपका इस्तेमाल करने का तरीका भी ट्रैक होता है। इस सेटिंग को बंद करने के लिए सेटिंग में जाकर प्राइवेसी और सिक्योरिटी खोलें। इसके बाद Diagnostic & Feedback में जाकर ऑप्शनल डायग्नोस्टिक डेटा बंद कर दें।
एडवरटाइजिंग आइडी (Advertising ID)
विंडोज हर यूजर के लिए एक अलग एडवरटाइजिंग आइडी बनाता है। इसकी मदद से ऐप्स ये समझते हैं कि आप क्या पसंद करती हैं और क्या नहीं। उसी के हिसाब से आपके पास विज्ञापन आते हैं। इसे बंद करने के लिए सेटिंग्स में जाकर प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी पर जाएं। अब जनरल सेलेक्ट करके Advertising ID को ऑफ कर दें।
लोकेशन सर्विस (Location Service)
लैपटॉप में लोकेशन ऑन होने का मतलब है कि आपकी फिजिकल लोकेशन लगातार ट्रैक हो रही है। लैपटॉप में इसकी कोई खास जरूरत नहीं होती है। इसे बंद करने के लिए सेटिंग्स में जाकर लोकेशन ऑफ कर दें।
इन बातों का भी रखें ध्यान
पब्लिक Wi-Fi पर लैपटॉप इस्तेमाल करते समय बैंकिंग, पासवर्ड या जरूरी लॉगिन नहीं करना चाहिए। ऐसे नेटवर्क पर आपका डेटा आसानी से लीक हो सकता है।
विंडोज अपडेट के बाद कई बार सेटिंग्स अपने आप ऑन हो जाती हैं। इसलिए महीने में एक बार प्राइवेसी और सिक्योरिटी सेटिंग जरूर देख लें।