फिलाडेल्फिया। फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में फ्रांस ने पैराग्वे को 1-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। मुकाबले का एकमात्र गोल कप्तान किलियन एमबाप्पे ने 70वें मिनट में पेनल्टी पर किया। जीत के बाद एमबाप्पे ने पैराग्वे की रणनीति पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी टीम को शायद लगा था कि फ्रांस सिर्फ खूबसूरत फुटबॉल खेलने आया है।
पजेशन में फ्रांस का दबदबा, लेकिन कड़ा रहा मुकाबला
पूरे मैच में फ्रांस ने 76 प्रतिशत बॉल पजेशन अपने पास रखा, लेकिन पैराग्वे की मजबूत रक्षापंक्ति ने उन्हें खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पहले हाफ में फ्रांस गोल पर एक भी प्रभावी शॉट नहीं लगा सका। हालांकि दूसरे हाफ में मिले पेनल्टी मौके को एमबाप्पे ने गोल में बदलकर टीम को बढ़त दिलाई, जो अंत तक कायम रही।
मैच में दिखी गर्मागर्मी
मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच कई बार तीखी भिड़ंत देखने को मिली। एक मौके पर एमबाप्पे और आंद्रेस क्यूबास आमने-सामने आ गए। फ्रांस को तीन येलो कार्ड मिले, जबकि पैराग्वे ने 13 फाउल किए, लेकिन उसकी टीम का कोई खिलाड़ी बुक नहीं हुआ।
एमबाप्पे बोले- जरूरत पड़ी तो सख्त खेल भी खेलेंगे
मैच के बाद एमबाप्पे ने कहा कि फ्रांस सिर्फ आकर्षक फुटबॉल खेलने वाली टीम नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर आक्रामक और संघर्षपूर्ण अंदाज भी अपना सकती है।
उन्होंने कहा, “हमें पता था कि मैच कैसा होने वाला है। हमने दिखा दिया कि हम सिर्फ अटैकिंग फुटबॉल ही नहीं खेलते। अगर जरूरत पड़े तो हम सख्त मुकाबला भी कर सकते हैं और इससे हमें कोई परेशानी नहीं है।”
‘उन्हें लगा था हम टक्सीडो पहनकर आए हैं’
एमबाप्पे ने पैराग्वे की रणनीति पर तंज कसते हुए कहा, “शायद उन्हें लगा कि हम टक्सीडो पहनकर मैदान में उतरेंगे और सिर्फ खूबसूरत पास खेलेंगे। लेकिन हम जरूरत पड़ने पर डर्टी फुटबॉल भी खेलना जानते हैं। आज हमने वही किया, जीत हासिल की और साबित किया कि हम उनसे बेहतर टीम हैं।”

