Punjab Congress Crisis: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस ने प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वड़िंग अप्रैल 2022 से प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाल रहे थे। उनके इस्तीफे के बाद अब नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर पार्टी में मंथन शुरू हो गया है।कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान अगले 24 से 48 घंटे में किया जा सकता है। विजय इंदर सिंगला, परगट सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नेताओं के नाम इस पद के लिए चर्चा में हैं।
सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद बदला संगठनात्मक समीकरण
राजा वड़िंग के इस्तीफे के पीछे पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रहे संगठनात्मक मतभेदों और गुटीय खींचतान की भी चर्चा है। हाल ही में सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया था। इसके बाद उन्होंने प्रदेश संगठन के नेताओं से बातचीत कर फीडबैक लिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संगठन की स्थिति और नेताओं के बीच मतभेदों से जुड़ी जानकारी हाईकमान तक पहुंची थी।हालांकि, इस्तीफे के कारणों को लेकर पार्टी की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मीडिया रिपोर्ट्स में वड़िंग को हटाने के फैसले को सचिन पायलट की ओर से जुटाए गए संगठनात्मक फीडबैक से जोड़ा गया है।
वड़िंग के कार्यकाल में सामने आते रहे संगठनात्मक मतभेद
पंजाब कांग्रेस में राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से जुड़े नेताओं के बीच मतभेदों की खबरें पिछले कुछ समय से सामने आती रही हैं। सितंबर में सचिन पायलट की नियुक्ति के बाद भी संगठन में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें तेज थीं। पार्टी के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा भी पहले वड़िंग के नेतृत्व को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठा चुके थे।
विजय इंदर सिंगला समेत कई नाम चर्चा में
नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। इसके अलावा जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम भी चर्चा में हैं। कुछ रिपोर्ट्स में गुरजीत सिंह औजला, सुखबिंदर सिंह सरकारिया और अन्य नेताओं के नाम भी संभावित दावेदारों में बताए गए हैं।फिलहाल कांग्रेस ने नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए आने वाले दिनों में पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में और बदलाव होते हैं या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी।

