बिलासपुर। प्रदेश के बहुचर्चित मैनपावर सप्लाई (ओवरटाइम) घोटाले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जब मामला जनता के पैसे और सरकारी खजाने की लूट से जुड़ा हो, तो अदालतों को सतर्क रहना चाहिए। आर्थिक अपराध सामान्य नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और सरकारी व्यवस्था पर जनता के विश्वास को चोट पहुंचाने वाली सुनियोजित साजिश होते हैं।
हाईकोर्ट ने ढेबर को इस घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता माना है। जांच के मुताबिक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) में मैनपावर सप्लाई करने वाली एजेंसियों के बिल तब तक पास नहीं होते थे, जब तक तय कमीशन अनवर ढेबर तक नहीं पहुंचता था।
ढेबर के निर्देश पर बाद में इस कमीशन को बढ़ाकर बिल राशि का एक-तिहाई से ज्यादा कर दिया गया था। एसीबी और ईडी की जांच में मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी के रसूख को दरकिनार करते हुए राहत देने से साफ इनकार कर दिया।

