ओडिशा। पुरी में आयोजित होने वाली वार्षिक रथ यात्रा के लिए तीन रथों के निर्माण कार्य में बुधवार को अचानक रुकावट आ गई। बढ़इयों के विरोध प्रदर्शन के चलते निर्माण कार्य लगभग चार घंटे तक बाधित रहा, जिससे कार्यस्थल पर गतिविधियां प्रभावित हुईं। जानकारी के अनुसार, बढ़इयों ने घर लौटते समय बची हुई सामग्री को ले जाने पर लगाई गई पाबंदियों के खिलाफ विरोध जताया। उनका कहना था कि मंदिर प्रशासन द्वारा लागू किए गए नए नियमों के कारण उनके पारंपरिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।
रथ निर्माण कार्य अक्षय तृतीया के दिन शुरू किया गया था और यह पिछले 58 दिनों से लगातार जारी है। यह कार्य रथ यात्रा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ तैयार किए जाते हैं। प्रदर्शन कर रहे बढ़इयों की मुख्य मांग थी कि मंदिर के ‘रिकॉर्ड ऑफ राइट्स’ (RoR) के तहत उन्हें मिले अधिकारों को जारी रखा जाए। उनका कहना है कि परंपरा के अनुसार उन्हें कार्य के बाद बची हुई सामग्री अपने साथ ले जाने की अनुमति मिलती रही है, लेकिन अब इस पर रोक लगाई जा रही है।
बढ़इयों ने आरोप लगाया कि नए प्रतिबंधों के कारण उनकी पारंपरिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जो वर्षों से चली आ रही है। इस मुद्दे को लेकर असंतोष बढ़ता गया और अंततः उन्होंने कार्यस्थल पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मंदिर प्रशासन के रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (RoR) के अनुसार बढ़इयों को कुछ पारंपरिक अधिकार प्राप्त हैं, जिनमें कार्य से संबंधित सामग्री और प्रक्रिया से जुड़े विशेष प्रावधान शामिल हैं। हालांकि, वर्तमान विवाद इन्हीं अधिकारों की व्याख्या और लागू करने को लेकर सामने आया है।

