उपराष्ट्रपति का बड़ा बयान
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को कहा कि “शांति के बिना विकास संभव नहीं है।” उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में बढ़ते विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उपराष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि देश की प्रगति के रास्ते में हिंसा या आतंक का कोई स्थान नहीं है।
माओवादियों से सरेंडर की अपील
उपराष्ट्रपति ने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की और कहा कि जो लोग हथियार छोड़कर समाज की सेवा में जुटेंगे, उन्हें सरकार हर संभव मदद देगी। उन्होंने कहा कि अब देश के हर कोने में विकास की रफ्तार तेज हो रही है और शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क व रोजगार के क्षेत्र में बड़े बदलाव दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में हिंसा छोड़कर शांति और विकास की राह अपनाना ही सच्चा देशप्रेम है।
नक्सल प्रभावित राज्यों में विकास पर फोकस
सरकार ने हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और बिहार जैसे नक्सल प्रभावित राज्यों में इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल कनेक्टिविटी और सुरक्षा बलों के सशक्तीकरण पर खास जोर दिया है। इन इलाकों में अब सड़कें, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र बन रहे हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर एक ऐसा भारत बना रही हैं जहाँ “शांति के साथ विकास की गूंज सुनाई दे।”