पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पद की शपथ के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसे देखकर सभी लोग दंग रह गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे बढ़कर एक बुजुर्ग शख्सियत के पैर छू लिए।हर कोई ये जानना चाहता था कि आखिर कौन है ये शख्स जिसके पीएम मोदी ने पैर छुए। आइये हम आपको बताते है कौन है वह शख्स
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस शख्स का पैर छुआ उनका नाम माखन लाल सरकार है। माखनलाल सरकार को बंगाल के पुराने और सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ताओं में गिना जाता है. उनका जुाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और जनसंघ के दौर से माना जाता है। 1952 में, माखनलाल सरकार को कश्मीर में उस आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किया गया था, जब वे श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ वहां भारतीय तिरंगा फहराने के लिए गए थे। 98 वर्ष की आयु में भी, माखनलाल सरकार आजादी के बाद के भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं।
जनसंघ के शुरुआती आंदोलनों का चुनिंदा चेहरा
साल 1952 में जब जम्मू-कश्मीर में तिरंगा फहराने को लेकर आंदोलन चल रहा था, तब वह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ वहां पहुंचे थे। इसी आंदोलन के दौरान उन्हें कश्मीर में गिरफ्तार भी किया गया. उस दौर में यह आंदोलन केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक माना जाता था।
आरएसएस के सबसे पुराने कार्यकर्ता
बताया जाता है कि माखनलाल ने बहुत लंबे समय तक संगठन के लिए जमीनी स्तर पर काम किया और बंगाल में राष्ट्रवादी विचारधारा को मजबूत करने में भूमिका निभाई। उम्र के इस पड़ाव पर भी वे सार्वजनिक जीवन में सक्रिय माने जाते हैं और कई नेता उन्हें मार्गदर्शक की तरह सम्मान देते हैं।
राजनीतिक गलियारों में माखनलाल सरकार की पहचान ऐसे व्यक्ति के रूप में रही है, जिन्होंने बिना किसी बड़े पद या प्रचार के संगठनात्मक काम को प्राथमिकता दी। यही वजह है कि बंगाल बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता भी उन्हें बेहद सम्मान देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी का सार्वजनिक रूप से उनके पैर छूना इसी सम्मान और पुराने संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।

